भदोही। जिले में पिछले छह माह से बच्चों के लापता होने के मामले बढ़ रहे हैं। इनमें कुछ बच्चे तो ऐसे हैं जो परिवारीजनों और पुलिस की तलाश के बाद मिल गए हैं। जबकि कुछ बच्चों का अब तक पता नहीं लग सका है। जिगर के टुकड़ों के गायब होने से माता-पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। इनके घरों में मातम जैसा माहौल है। दरोपुर के सभासद जयप्रकाश यादव के घर में बीते सात माह से मातम का माहौल है। कारण उनके 11 वर्ष का मूक बधिर पुत्र घर से ही लापता हो गया था, जो अब तक नहीं मिला। कोतवाली में 27 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज है लेकिन उसका पता नहीं लग सका है, जिससे उसकी मां और बहनेें बीमार हो गई हैं। 26 जनवरी को मदरसा अरबिया मदीनतुल इल्म पीरखांपुर गए बच्चे लापता हो गए। मो. कैफ (15), मो. तौहीद (13), मो. फुरकान (13) और मो. उस्मान (11) न तो मदरसा पहुंचे और घर नहीं लौटे। इनकी गुमशुदगी दर्ज करते हुए पुलिस ने सूचना को वाट्सएप पर शेयर किया तो चार दिन बाद इनका पता चल गया। परिजन उन्हें वाराणसी जीआरपी के संरक्षण से घर ले आए। इसी प्रकार 13 जनवरी को पचवल (जौनपुर) से भदोही नगर स्थित एमए समद इंटर कालेज में परीक्षा देने के लिए घर से निकला अभिषेक दूबे लापता हो गया। खोजबीन करने पर चौथे दिन वह धौरहरा पुल के पास गुमसुम हाल में मिला। बीते 18 फरवरी को सेंट मेरीज स्कूल का छात्र अभय यादव पुत्र राम उजागीर निवासी घोरहां सुरेरी (जौनपुर) विद्यालय आया था लेकिन घर नहीं लौटने से परिवार वाले परेशान हैं। सुरेरी थाने में मुकदमा दर्ज है लेकिन चार दिन बाद भी उसका पता नहीं लग सका है।