कोइरौना थानाक्षेत्र के चकिया गांव में शुक्रवार को दोपहर एक बच्चे को लेने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इससे पुलिस के दो वाहनों के शीशे टूट गए, जबकि कुछ पुलिस कर्मियों को चोट आई। विरोध के बाद भी बच्चे को पुलिस ले गई। मौके पर भारी पुलिस को तैनात किया गया है। पुलिस साल भर पूर्व लावारिस मिले बच्चे को कोर्ट के आदेश पर लेने गई थी।
पांच जून 2017 को चकियां बनकट गांव के समीप सरपत के झाड़ में एक मासूम लावारिस हाल में मिला था। ग्रामीणों की मौजूदगी में बच्चे को गांव के राम बहादुर सरोज के सुपुर्द किया गया। छह बेटियों का पिता राम बहादुर बच्चे को पाकर काफी खुश हुआ। इधर अखबार में छपी खबर को संज्ञान में लेकर बाल कल्याण समिति न्यायालय ने कुछ माह पूर्व कोइरौना पुलिस को आदेश दिया था कि बच्चे को कोर्ट के सुपुर्द किया जाए। कोर्ट का सहयोग न करने पर राम बहादुर के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया। मामले को लेकर राम बहादुर हाईकोर्ट भी गया लेकिन वहां उसे राहत नहीं मिली। कोर्ट की सख्ती पर शुक्रवार को दोपहर एक बजे कोइरौना थाना प्रभारी सत्यनारायण मिश्र , चौकी प्रभारी सीतामढ़ी विनोद तिवारी, क्राइम ब्रांच प्रभारी नवीन तिवारी, एसआई सरोजमा सिंह चकिया स्थित रामबहादुर के घर बच्चा लेने पहुंचे। इस पर परिजनों व ग्रामीणों ने बस्ती का मार्ग लड़की आदि रखकर जाम कर दिया। साथ ही पुलिस दल पर पथराव कर दिया। इसके बाद मौके पर सात पीआरवी गाड़ियां, ऊंज, गोपीगंज थाने की पुलिस संग स्वाट टीम, पीएसी मौके पर पहुंच गई। अंत में एएसपी संजय कुमार, सीओ ज्ञानपुर वीके सिंह के समझाने और न्यायालय के आदेश का हवाला देने पर ग्रामीणों ने बच्चे को सौंप दिया। एएसपी डॉ. संजय कुमार ने कहा कि पुलिस टीम पर पथराव करने वालों पर मुकदमा दर्ज होगा।