ज्ञानपुर। शासन की सख्ती के बाद भी गंगा में अवैध बालू खनन को लेकर आखिरकार कोइरौना थानाध्यक्ष समेत कटरा पुलिस चौकी पर कार्रवाई की गाज गिर गई। एसपी ने एसओ कोइरौना और पूरी कटरा चौकी को ही लाइन हाजिर कर दिया। एसपी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मच गई है। मामले की जांच सीओ ज्ञानपुर को सौंपी गई है। सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद अवैध खनन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। जिले में कई गंगा घाटों पर बालू खनन होता था, लेकिन रोक लगने के बाद ज्यादातर घाटों पर खनन थम गया था। बावजूद इसके कोइरौना थानाक्षेत्र में पड़ने वाले छेछुआ, भुर्रा समेत अन्य घाटों पर गुपचुप तरीके से अवैध बालू खनन का कारोबार पुलिस की शह पर चल रहा था। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस अधीक्षक सचिंद्र पटेल ने मंगलवार को एसओ कोइरौना विनोद कुमार सिंह, चौकी इंचार्ज कटरा इंद्रजीत यादव के अलावा कटरा चौकी के हेड कांस्टेबल काशीनाथ गौड़, आरक्षी गुलाब चंद्र शर्मा, रामबली यादव, राजेश प्रताप सिंह, अशोक यादव को लाइन हाजिर कर दिया। कार्रवाई से कोइरौना समेत अन्य थानों में खलबली मच गई। पुलिस सूत्रों की मानें तो चौकी और थाने के ज्यादातर सिपाहियों पर अवैध खनन को संरक्षण देने का आरोप लगा था, जिस पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस अधीक्षक सचिंद्र पटेल ने कहा कि अवैध खनन के साथ ही कई और आरोप इनके खिलाफ थे। इसके चलते यह कार्रवाई की गई है। मामले की जांच सीओ ज्ञानपुर रामकरन को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर संबंधित लोगों पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सारनाथ सिंह को कोइरौना का नया थानाध्यक्ष बनाया गया है।