ज्ञानपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत ने चौरी के माधोरामपुर गांव में दो साल पूर्व एक अपहरण के मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया। अभियोजन पक्ष के अनुसार बैजंती देवी पत्नी लोलारख निवासी माधोरामपुर थाना चौरी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से इस आरोप के साथ आपराधिक मुकदमा न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। जिसमें कहा कि आरोपी शेषमणि निवासी माधोरामपुर एवं नंदू निवासी कालिकाबारा कपसेठी वाराणसी नौकरी दिलाने के नाम पर उसके भांजे चंद्र प्रकाश को मुंबई लिवाकर गए। उसके बाद चंद्र प्रकाश ने अपनी नानी फूलपत्ती को फोन किया कि वह शेषमणि और नंदू के साथ घर वापस आ रहा है। आरोपीगण घर आ गए लेकिन नंदू घर वापस नहीं लौटा। चंद्रप्रकाश के परिजनों ने आरोपियों से पूछताछ की तो टालमटोल करते रहे। पीड़ित पक्ष की ओर से तत्कालीन एसपी को प्रार्थना पत्र दिया गया लेकिन उस पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई। न्याय न मिलते देख पीड़ित ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस प्रकरण में न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय दीपक सरस्वती की अदालत ने थानाध्यक्ष चौरी को एफआईआर दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया।