गोपीगंज थाने में शुक्रवार को पुलिस हिरासत में मृत रामजी के परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। ऑटो चलाकर वह परिवार का जीविकोपार्जन करता था। पुश्तैनी जमीन के चक्कर में आखिरकार उसकी जान चली गई। उसकी मौत से परिवार वालों को गहरा सदमा लगा है। दो बेटियों की पढ़ाई, शादी संग बेटे के भविष्य को लेकर मां परेशान हो गई है। वह रह-रहकर अचेत हो जा रही थी।
फूलबाग में पुश्तैनी जमीन को लेकर रामजी और अशोक मिश्र के बीच काफी दिनों से विवाद चल रहा था। दोनों के परिवार अलग-अलग हैं। शुक्रवार को घटी घटना ने पूरे कुनबे को हिलाकर रख दिया। रामजी अपने परिवार का भरण पोषण ऑटो चलाकर किया करता था। रामजी बहुत सरल स्वभाव का था। मौत की खबर से आसपास के लोग भी स्तब्ध हैं। मौत से जहां उनकी पत्नी बेसुध हो गई, वहीं उनकी छोटी बेटी रेनू का रोते-रोते बुरा हाल हो गया। जब भी घर पर कोई आता वह बदहवास होकर रोने लगती और पूछती थी पापा कब आएंगे।