ज्ञानपुर। कौशांबी के कोखराज में गत शुक्रवार को गो-तस्करी का भंडाफोड़ होने के बाद जिले की पुलिस बर्खास्त सिपाही के नेटवर्क को तोड़ने में जुट गई है। कोखराज पुलिस मुकदमा दर्ज कर पूर्वांचल के थानों से सिपाही के काले कारोबार का चिट्ठा जुटाने में जुट गई है।
सूबे में वैसे तो गोवंश तस्करी पर बैन पहले से ही था, लेकिन भाजपा की सरकार बनने के बाद कुछ महीने तक गोवंश की तस्करी रोकने के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चला। हालांकि बाद में ढील होने से तस्करी का कारोबार फिर शुरू हो गया। पश्चिम यूपी से कई प्रांतों तक तस्करी के फैले नेटवर्क के पीछे इलाहाबाद के बर्खास्त सिपाही सुुशील मिश्रा और तस्कर चांद मोहम्मद का नाम आने के बाद हाईवे के थानों की पुलिस सतर्क हो गई। गत शुक्रवार को कौशांबी के कोखराज पुलिस ने गो तस्करी का भंडाफोड़ किया। एक ट्रक से बरामद 20 से अधिक गोवंश और तस्करों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में बर्खास्त सिपाही को इसका मास्टरमाइंड बताया गया। पुलिस सूत्रों की मानें तो तस्करी के नेटवर्क को संचालित कराने में बर्खास्त सिपाही हाईवे के थानों से सेटिंग कर वाराणसी तक वाहनों को पास कराता। कोखराज में भंडाफोड़ होने के बाद जिले की पुलिस बर्खास्त सिपाही के नेटवर्क को तोड़ने में लग गई है। पिछले दिनों अलग-अलग थानों के चार सिपाहियों का तबादला भी तस्करी में संलिप्तता को लेकर की गई, लेकिन अब भी कई पुलिसकर्मी नेटवर्क में शामिल होकर काम में लगे हैं। वहीं दूसरी ओर एएसपी डॉ. संजय कुमार ने कहा कि विशेष टीम का गठन कर गोवंश तस्करी पर नजर रखी जा रही है।