ज्ञानपुर। दो वर्ष पूर्व रघुनाथपुर गांव में हुई हत्या के मामले की मंगलवार को सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय फास्ट ट्रैक की अदालत ने हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही आरोपी को 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। घटना अगस्त 2015 की है।
अभियोजन के अनुसार गोपीगंज थानाक्षेत्र के रघुनाथपुर निवासी राधा देवी ने आरोप लगाया था कि आठ अगस्त 2015 को शाम पांच बजे विक्रम कोल और उसकी पत्नी पूजा देवी निवासी देवपुरा लालगंज मिर्जापुर उसके घर पर आए और किराए पर कमरे की मांग किया। मना करने पर कुरमैचा गांव निवासी रामलाल ने इनकी पहचानने की बात कहकर कमरा दिलाने की सिफारिश की थी। इस पर मैंने उन्हें कमरा दे दिया। दो दिन बाद 10 अगस्त को सुबह 10 बजे कमरे से दुर्गंध आने लगी। कमरे में देखा कि विक्रम की पत्नी पूजा मृत पड़ी थी। पुलिस ने राम सागर उर्फ विक्रम कोल के खिलाफ हत्या समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना की। उसके बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। दोनो पक्षों के तर्कों एवं बयानों को सुनने के बाद न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट मृदुल कुमार मिश्रा ने दोषी रामसागर उर्फ विक्रम कोल को हत्या समेत विभिन्न धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार अर्थदंड लगाया। अभियोजन पक्ष से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता सुधाकर पांडेय ने की।