ज्ञानपुर। वाराणसी के ककरमत्ता निवासी अधिवक्ता से 20 लाख की रंगदारी मांगने में गिर्द बड़गांव निवासी चंद्रहास सिंह उर्फ सीपू की गिरफ्तारी से हर कोई स्तब्ध है। किसी को यह पता नहीं कि सीपू ऐसी घटना को भी अंजाम दे सकता है। मनबढ़ होने के कारण उसका लोगों विवाद होता था लेकिन उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है। गिरफ्तारी के बाद बाबूसराय स्थित उसके जिम पर सन्नाटा पसर गया है।
गिर्द बड़गांव निवासी चंद्रहास सिंह उर्फ सीपू दो भाइयों में छोटा है। बड़ा भाई वाराणसी की किसी निजी कंपनी में नौकरी करता है। उसके माता-पिता का निधन कुछ साल पूर्व हो गया था, जिससे उस पर अनुशासन लगाने वाला कोई नहीं था। मनबढ़ किस्म का होने से अक्सर किसी न किसी से उसका विवाद होता था लेकिन कोई मुकदमा उसके खिलाफ दर्ज नहीं है। कुछ वर्षों पूर्व उसने सुल्तानपुर में जिम खोला था लेकिन नहीं चल सका। उसके बाद बाबूसराय में रायल हेल्थ केयर नामक जिम को खोलकर चलाता था। कम समय में अधिक धन कमाने के चक्कर में उसने अधिवक्ता से रंगदारी मांगी और पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसकी गिरफ्तारी से गांव के लोग स्तब्ध हैं। सीओ औराई रामकरन ने बताया कि जिले में उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं है।