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गंभीर धाराओं में मुकदमा होने के बाद भी पुलिस निष्क्रिय

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ज्ञानपुर। कागजों में हेरफेर कर सरकारी संपत्ति हथियाने वाले जिले के 15 भूमाफिया की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसको लेकर सवाल उठने लगे हैं। गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अब तक पुलिस एक भी माफिया को गिरफ्त में नहीं ले सकी है। जिले में भूमाफिया का नेटवर्क फैला हुआ है। कागजों में हेरफेर कर सरकारी जमीनों को हथियाने में उनका जवाब नहीं। तहसील कर्मियों की मिलीभगत से जिले की तीनों तहसीलों में बड़ी संख्या में सरकारी संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया है। 10 दिन पूर्व प्रशासनिक जांच में सामने आया कि गोधना और सारीपुर गांव में कागजों में हेरफेर कर 210 बीघे से अधिक जमीन को भूमाफिया अपने नाम करा लिए हैं। उसके बाद अनिल कुमार निवासी कठौता, धर्मराज, राकेश कुमार, राजेश कुमार निवासी केशवपुर सरपतहां, कड़ेदीन पांडेय, महेश पांडेय, रिकेला देवी निवासी सारीपुर उमरपुर, राजकुमार, शिवकुमार, शरद कुमार, अंजनी कुमार, मजीता देवी और श्याम नारायण के खिलाफ ऊंज और गोपीगंज थानों में मुकदमा दर्ज किया गया। जालसाजी, कूटरचना सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक एक भी भूमाफिया की गिरफ्तारी नहीं हो सकी, जबकि एडीएम शैलेंद्र मिश्र ने पुलिस को गिरफ्तारी का निर्देश दिया था। एडीएम ने कहा कि गिरफ्तारी के लिए एसपी से बात की गई है। जल्द ही भूमाफिया सलाखों के पीछे होंगे। सूत्रों की मानें तो जिन भूमाफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, उनमें कुछ सत्तापक्ष के काफी करीब हैं। ऐसे में सत्ता के दबाव में पुलिस कार्रवाई से कतरा रही है।
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