ज्ञानपुर। 20 हजार की रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम के हाथ लगे ज्ञानपुर तहसील के लिपिक अरुण कुमार श्रीवास्तव को बृहस्पतिवार को प्रशासन ने निलंबित कर दिया। डीएम ने एडीएम को प्रकरण की जांच सौंपी है। कुछ माह पूर्व रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल होने के मामले में तहसील प्रशासन ने उक्त लिपिक को बचाया था।
बालीपुर निवासी विनीत सिंह अपने काम के लिए लंबे समय से तहसील का चक्कर लगा रहे थे। आरोप है कि तहसील का क्लर्क अरुण श्रीवास्तव काम के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था। इस पर विनीत ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। बुधवार को एंटी करप्शन टीम ने 20 हजार रुपये के साथ लिपिक को रंगेहाथ पकड़ लिया। विधिक कार्रवाई के बाद लिपिक को जेल भेजा गया। वहीं कुछ माह पूर्व वीडियो वायरल मामले में लिपिक को बचाने वाले तहसील प्रशासन ने उक्त प्रकरण में तात्कालिक कार्रवाई की। जिलाधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने एडीएम राम सिंह वर्मा को निर्देश दिया कि उक्त लिपिक को निलंबित कर मामले की जांच करें। डीएम ने कहा कि जेल भेजे जाने के 48 घंटे बाद स्वत: निलंबन हो जाता है। हालांकि मीडिया कवरेज के आधार पर लिपिक को निलंबित कर दिया गया है।
ज्ञानपुर। सदर तहसील में रिश्वत लेते गिरफ्तार लिपिक अरुण कुमार श्रीवास्तव इकलौता रिश्वतखोर बाबू नहीं है। औराई और भदोही तहसील में भी कई मठाधीश वर्षों से जमे हैं और अपने फैलाए मायाजाल से सरकार के भ्रष्टाचार उन्मूलन की उम्मीदों को तार-तार कर रहे हैं। भदोही और औराई तहसील में रिश्वत को लेकर पूर्व में कई बार विवाद भी हो चुका है। एंटी करप्शन की ओर से दोनों तहसीलों में छापेमारी की जाए तो कइयों की गर्दन फंस सकती है।