उत्तर प्रदेश आंगनबाड़ी कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष राजेश कुमार सरोज ने सीडीपीओ औराई के खिलाफ डीएम आर्यका अखौरी को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग की। आरोप लगाया है कि औराई ब्लाक में कार्यरत सीडीपीओ कार्यालय भ्रष्टाचार का केंद्र बन चुका है। कहा कि यही कारण है कि छह से तीन वर्ष के बच्चों, धात्री महिलाओं, कुपोषित और 11 से 14 की आयु में स्कूल न जाने वाली किशोरियों को विभागीय लाभ नहीं मिल रहा है। सखी महिला समूह की ओर से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचने वाले पाउडर दूध, देशी घी, रिफाईन, चना का दाल, सरसों तेल आदि सामान में कटौती पहले कर ली जाती है उसके बाद वितरण के लिए मिलता है। सामान कम मिलने की स्थिति में आए दिन लाभार्थी अभिभावकों से विवाद होना आम बात है। पोषाहार के उठान पर सुविधा शुल्क न मिलने पर छह से सात बोरी पोषाहार की कटौती नहीं रुक रही है। पांच वर्ष तक की सेवा पूरी करने वाली कर्मचारियों से मनमानी वसूली की जिम्मेदारी कार्यालय में तैनात कर्मचारी संभालते हैं। दो वर्ष से उठ रहे सवाल पर उच्चाधिकारी आंख मूंद लिए हैं जो अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीडीपीओ रीता अवस्थी, मुख्य सेविका गीता केशरी, लिपिक गुलाब पाल का स्थानांतरण गैर जनपद कर भ्रष्टाचार को नहीं रोका जा सका तो एसोसिएशन आगे की रणनीति तैयार करने के लिए बाध्य होगा।