ज्ञानपुर। कोरोना वायरस कोविड-19 के तेजी से बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर स्वास्थ्य महकमे ने एसिम्टोमेटिक कोरोना मरीजों के लिए होम आइसोलेशन में रहने की कार्ययोजना तैयार कर ली है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. लक्ष्मी सिंह के मुताबिक बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों को घर पर ही आइसोलेट रहना होगा। अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद के निर्देश पर इसकी गाइडलाइन जारी कर दी गई है।
ऐसे मरीजों को घर पर रहते हुए आइसोलेशन संबंधी सारी सुविधाएं मिलेंगी। होम आइसोलेशन में रहने वाले रोगियों का होम आइसोलेशन कोविड पॉजिटिव होने के दस दिनों बाद और पिछले तीन दिनों तक बुखार न आने की स्थिति में समाप्त माना जाएगा। इसके बाद अगले सात दिनों तक रोगी घर पर ही रहकर अपने स्वास्थ्य का अनुश्रवण करेंगे। होम आइसोलेशन की समाप्ति के बाद टेस्टिंग की आवश्यकता नहीं होगी। उपचार प्रदान करने वाले चिकित्सक ऐसे व्यक्ति को लक्षण रहित रोगी के रूप में चिह्नित करेगा। ऐसे रोगी के निवास पर स्वयं को आइसोलेट करने एवं परिजनों को क्वारंटीन करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। घर में कम से कम दो शौचालय अवश्य होने चाहिए। ऐसे रोगी जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी कारण वश कमजोर है, वे होम आइसोलेशन के लिए पात्र नहीं होंगे। 24 घंटे रोगी की देखरेख के लिए एक व्यक्ति उपलब्ध होना चाहिए। संपूर्ण आइसोलेशन अवधि के दौरान देखभाल करने वाले व्यक्ति एवं संबंधित चिकित्सालय के मध्य संपर्क बनाए रखना होम आइसोलेशन की प्रमुख जरूरत है। देखभाल करने वाले व्यक्ति एवं रोगी के नजदीकी संपर्कों को प्रोटोकॉल एवं उपचार प्रदान करने वाले चिकित्सक के परामर्श के अनुसार हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन प्रोफाइलेक्सिस दवा लेनी होगी। आरोग्य सेतु ऐप सभी को मोबाइल पर डाउनलोड करना होगा। सीएमओ के मुताबिक जिनमें कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं और कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट आती है तो उनको सरकारी आइसोलेशन सेंटर में रखा जाएगा। उनकी देखभाल डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ करेगा। जिन घरों में एक से अधिक कोरोना पॉजिटिव मरीज होंगे उनको भी होम आइसोलेशन की अनुमति नही दी जाएगी।