सालों से उपेक्षा के शिकार संस्कृत विद्यालयों की अब धीरे-धीरे सूरत बदलने की कवायद शुरू हो गई है। शिक्षकों की कमी से जूझ रहे वित्तपोषित 12 विद्यालयों में अलग-अलग विषय के 31 शिक्षकों को संविदा पर रखा जाएगा। इसके लिए निविदा भी जारी हो चुकी है।
जिले में दो राजकीय, 12 वित्तपोषित और 15 से अधिक वित्तविहीन संस्कृत विद्यालय हैं। उपेक्षा के कारण अधिकतर विद्यालय बदहाल हो चुके हैं। रंगरोगन, साफ-सफाई न होने से अधिकतर विद्यालयों की हालत जर्जर हो चुकी है। पुराने शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने से जरूरत के हिसाब से शिक्षक न होने से पठन-पाठन भी नहीं हो पा रही थी। अब शासन ने ऐसे विद्यालयों की सुधि ली है। इन विद्यालयों में पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा के अलग-अलग विषय जैसे संस्कृत साहित्य, संस्कृत नव्य व्याकरण, आधुनिक विषय हिंदी और अंग्रेजी के शिक्षक रखे जाएंगे। 12 विद्यालय में पूर्व मध्यमा के दो और उत्तर मध्यमा के 29 संविदा शिक्षकों को रखा जाएगा। पूर्व मध्यमा में 12 हजार और उत्तर मध्यमा में 15 हजार मानदेय दिया जाएगा। डीआईओएस विकायल भारती ने कहा कि शिक्षकों के चयन के लिए निविदा जारी हो चुकी है। आवेदन आने के बाद चयन समिति इस पर निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की नियुक्ति होने के बाद विद्यालय में पठन-पाठन बेहतर होगा।