ज्ञानपुर। सब कुछ ठीक रहा तो आगामी शिक्षा सत्र से जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले एक लाख 40 हजार बच्चों को एमडीएम में मोटा अनाज (मिलेट्स) मिलेगा। इससे उनकी सेहत बेहतर होगी। करीब एक साल पूर्व महानिदेशक शिक्षा का पत्र आया था, जिसे प्रभावी बनाने की तैयारी तेज हो गई है। जिले में कुल 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित होते हैं। इनमें एक लाख 40 हजार बच्चे पढ़ते हैं। स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते हुए मध्याह्न भोजन योजना शुरू की गई है। इसके तहत प्रत्येक दिवस बच्चों को अलग-अलग मेन्यू के आधार पर भोजन मिलता है। एक साल पूर्व महानिदेशक ने पत्र भेजकर एमडीएम में सप्ताह के एक दिन मोटे अनाज के बने व्यंजन बच्चों को देने का निर्देश दिया था। यह व्यवस्था अभी तक जिले में शुरू नहीं हो सकी है। अब धीरे-धीरे प्रशासन इसको लेकर हरकत में आ गया है। पिछले दिनों डीएम की बैठक में व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई। इसमें मोटे अनाज का उत्पादन करने वाली एफपीओ का चयन करने पर बल दिया गया। अब कृषि और शिक्षा विभाग की तरफ से इसे लेकर तैयारी की जा रही है। इसके सेवन से बच्चों की सेहत और भी बेहतर होगी। उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि मोटे अनाज को स्कूलों में शामिल करने की व्यवस्था अभी पाइपलाइन में है। उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विकास चौधरी ने बताया कि स्कूलों में एमडीएम के साथ मोटे अनाज देने की तैयारी की जा रही है। इसका प्रस्ताव बनाया जा रहा है।