ज्ञानपुर। जिले में लंपी से बचाव के लिए विभाग ने 11 टीमों का गठन किया है। एक टीम में विभाग के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टॉफ सहित चार लोग शामिल होंगे। टीमें गांव-गांव दौरा कर पशुपालकों से बातचीत करेगी। इसके साथ ही उन्हें वायरस से बचाव की जानकारी देने के साथ-साथ लंपी वायरस से चिन्हित पशुओं के टीकाकरण का कार्य भी करेगी।
जिले में लंपी वायरस का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे अधिक प्रभावित इलाका डीघ ब्लॉक का है। जहां तमाम गांवों के पशुओं में लंपी वायरस का असर देखा जा रहा है। वायरस के बढ़ते असर को देखते हुए पशुपालन विभाग की टीम ने भी कमर कस लिया है। विभाग की ओर से लगातार लंपी वायरस का टीका पशुओं का लगाया जा रहा है। अब तक जनपद में कुल 24216 गोवंश को टीका लगाया जा चुका है। दूसरी तरफ डीघ ब्लॉक के गांवों में पशु पालकों की ओर से लगातार टीकाकरण न होने की शिकायत मिल रही थी। पशुपालकों के बार-बार शिकायत के बाद पशुपालन विभाग की टीम गांवों में नहीं पहुंच रही थी। इस बीच उच्चाधिकारियों का दबाव बढ़ा तो विभागीय अधिकारी गांव पहुंचकर टीकाकरण को गति देने में जुट गए। अब लगातार बढ़ते वायरस को देखते हुए पशुपालन विभाग ने सक्रियता दिखाया है और वायरस के असर को कम करने के लिए 11 टीमों का गठन कर दिया। यह सभी टीमें गांव-गांव दौरा करेगी और पशुपालकों से बातचीत कर वस्तुस्थिति का पता लगाएगी। जहां असर देखा जाएगा। वहां टीकाकरण कार्य शुरू करेगी। प्रभारी सीवीओ राजेश उपाध्याय ने बताया कि लंपी वायरस के टीकाकरण करने के लिए 11 टीमें गठित कर दी गयी है। एक टीम में पशु चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाप सहित दो सहायक होंगे। ये टीमें प्रत्येक दिन पशुपालकों गांव में पहुंचकर टीकाकरण का कार्य करेंगी।