डीघ के दरवांसी में दरवाजा विहीन हेल्थ वेलनेस सेंटर। संवाद
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ज्ञानपुर। लंबित परियोजनाओं को पूर्ण कराने को लेकर शासन-प्रशासन भले ही गंभीर है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग इससे इत्तेफाक नहीं रखता। मई तक पूर्ण होने वाली 30 हेल्थ वेलनेस सेंटर का निर्माण अब तक अधूरा है। इससे ग्रामीण अंचलों में महिलाओं, बच्चों को जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया नहीं हो पा रही हैं। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए दो राजकीय जिला अस्पताल, छह सीएचसी, 17 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में दशकों पूर्व बने उप स्वास्थ्य केंद्र पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इन भवनों में बैठने तक की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक उपचार के लिए हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर निर्माण को हरी झंडी दी गई है। दो शिफ्ट में 73 वेलनेस सेंटर के भवनों के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। पहले चरण में 30 केंद्रों का काम चल रहा है। प्रत्येक केंद्र का निर्माण कराने के लिए 4.50 लाख रुपये जारी किया गया है। दिसंबर 2021 से साढ़े चार-चार लाख की लागत से 30 सेंटर बनाने का काम शुरू हुआ। मई 2022 तक सभी सेंटर का निर्माण पूर्ण होना था, लेकिन ठेकेदारों की मनमानी और विभाग की उदासीनता से सेंटर का निर्माण अब तक पूर्ण नहीं हो सका है। कुछ सेंटर अभी आधे-अधूरे हैं तो कुछ की खिड़की और दरवाजे तक नहीं लग सके। जिससे सरकार की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है। जिले में आयुष्मान भारत योजनांतर्गत बनने वाले हेल्थ वेलनेस सेंटर के निर्माण में गड़बड़ी भी पकड़ी जा चुकी है। इसको लेकर पूर्व जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने निर्माण एजेंसी को चेतावनी जारी की थी, हालांकि अब भी सुधार नहीं हो सका है।