ज्ञानपुर। जिले में पशुओं में फैलने वाले लंपी स्किन डिजीज से बचाव के लिए पशुपालन विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। शासन से लंपी टीके की पहली खेप आ चुकी है। विभाग को 24 हजार टीके प्राप्त हुए हैं। विभाग की ओर से पशु अस्पताल पर टीका भेजा जा रहा है। मवेशियों में लक्षण दिखने पर टीका लगाया जाएगा। पश्चिम में लंपी बीमारी के दस्तक देते ही जिले का पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया। शासन से 24 हजार टीके की मांग किया गया है। दो दिन पहले लखनऊ से टीका आया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सचान ने बताया कि टीका प्राप्त हुआ है। ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, जंगीगंज, औराई आदि पशु अस्पताल पर भेजा जा रहा है। जहां पशुओं में लक्षण दिखने पर टीका लगाया जाएगा। टीका आने के बाद सभी ब्लॉकों में लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। पहले चरण में गो-आश्रय स्थलों और अधिक पशु घनत्व वाले गांवों में टीकाकरण किया जाएगा। लक्षण मिलने पर पशु डॉक्टर, पैरावेटेड मौके पर जाकर पशु की स्थिति देखेंगे। लंपी का लक्षण दिखा, तो टीकाकरण किया जाएगा। विभाग ने पशुपालकों से अपील किया है कि लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें।
लंपी वायरल बीमारी, संपर्क में आने से बढ़ता है खतरा
ज्ञानपुर सदर के पशु चिकित्सालय के प्रभारी जर्नादन मौर्या ने बताया कि लंपी एक वायरल बीमारी है, जो एक-दूसरे मवेशी से संपर्क में आने से फैलता है। इसमें गोवंश, महिषवंशीय के शरीर पर गांठें बन जाती हैं, तेज बुखार आता है और दूध उत्पादन बंद हो जाता है। समय पर उपचार न मिलने से पशु की मौत भी हो सकती है। पशुपालन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक जनपद में लंपी का कोई केस नहीं मिला है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी ब्लॉकों ज्ञानपुर, औराई, भदोही, डीघ, अभोली और सुरियावां पशु चिकित्साधिकारी को सतर्क रहने की जरूरत है।