जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करते कांग्रेस के लोग। स्रोत संगठन
ज्ञानपुर। वाराणसी में मणिकर्णिका घाट मामले में कांग्रेस मुखर हो गई है। सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की। मांगो से संबंधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। कोऑर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय और जिलाध्यक्ष वसीम अंसारी ने कहा कि मणिकर्णिका घाट काशी की हजारों वर्षों पुरानी धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक परंपराओं पर सीधा आघात है। यह घाट लोकमाता माता अहिल्याबाई होलकर ने निर्मित कराया था, जिनकी मूर्तियों का मलबे में दब जाना दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय है। पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. राजेंद्र दुबे एवं मनरेगा बचाओ संग्राम के कोऑर्डिनेटर सुरेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि भाजपा सरकार में ऐतिहासिक धरोहरों को बिना जन संवाद और विशेषज्ञों की राय के नष्ट किया जा रहा है। यह केवल एक घाट नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत पर हमला है। कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी। दिलीप मिश्रा, राजेश्वर दुबे और त्रिलोकीनाथ बिंद ने कहा कि सरकार एक ओर गरीबों से रोजगार छीन रही है तो दूसरी ओर देश की ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाने का काम कर रही है। मांग किया कि मणिकर्णिका घाट का शीघ्र पुनर्निर्माण कराया जाए, माता अहिल्याबाई होलकर जी की मूर्ति की पुनः स्थापना की जाए। इस मौके पर दीनानाथ दुबे, हसनैन अंसारी, सुबुकतगीन अंसारी, राजेंद्र प्रसाद मौर्य, रमाशंकर बिंद, उदय नारायण राय, वंशीधर शुक्ला, मीना देवी, रामबाबू गुप्ता, मुनींद्र बिंद, मकाई लाल, धीरज पाल आदि रहे।