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भदोही में 37 साल से जीत के लिए जमीन तलाश रही कांग्रेस

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ज्ञानपुर। जिले की तीन विधानसभा सीटों में से भदोही विधानसभा सीट पर हर बार के चुनाव में रोचक मुकाबला होता है। 1962 से लेकर अब तक यहां के मतदाताओं ने कुल 16 बार विधायक चुना है। उसमें दो बार महिलाओं के सिर विधायकी का सेहरा बंधा। दोनों महिलाओं ने एक ही पंचवर्षीय में जीत हासिल की। हालांकि दोनों ने अलग-अलग पार्टी से चुनाव जीता था। अब तक के चुनाव में यहां कभी निर्दलीय उम्मीदवार को जीत नहीं मिली है। यहां कांग्रेस को 37 साल से जीत का इंतजार है। 1962 और 1967 के चुनावों में यहां से कांग्रेस के उम्मीदवारों ने ही जीत हासिल किया था। उसके बाद बीकेडी यानी भारतीय क्रांति दल के उम्मीदवार राम निहोर ने लगातार दो बार 1969 व 1974 के चुनाव में बाजी मारी। 1977 के चुनाव में जनता पार्टी के उम्मीदवार को मतदाताओं ने विधायक बनाया। 1980 के चुनाव में कांग्रेस(आई) के बनवारी राम विधायक बने। उसके बाद से अब तक यहां कांग्रेस का कोई भी उम्मीदवार चुनावार नहीं जीता है। 1985 के चुनाव में एलकेडी के मूलचंद से कांग्रेस उम्मीदवार बनवारी राम चुनाव हार गए। अगले चुनाव में यानी 1989 के चुनाव में जनता दल के उम्मीदवार के तौर पर पुन: मूलचंद जीते। 1991 में बीजेपी का खाता खुला, लेकिन 1993 में बसपा के उम्मीदवार को विधायक बनने का गौरव हासिल हुआ। 1996 के चुनाव में भाजपा को पुन: जीत हासिल हुई। हालांकि उसके बाद के चुनावों में सपा और बसपा के ही उम्मीदवार जीतते रहे। पिछले चुनाव यानी 2017 में जब मोदी लहर आई तब भाजपा उम्मीदवार को पुन: जीत मिली। 2002 में सपा जीती थी। 2007 के चुनाव में बसपा के टिकट से अर्चना सरोज विधायक बनीं। हालांकि बीच में ही उनका निध हो और 2009 में उपचुनाव हुआ। उस चुनाव में बसपा के कई मंत्री यहां कैंप किए हुए थे, बावजूद सपा उम्मीदवार मधुबाला चुनाव जीतीं। 2012 में सपा के जाहिद बेग विधायक बने थे।
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