गोपीगंज में गणेश चतुर्थी के मौके पर पूजन करती महिलाएं। संवाद
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ज्ञानपुर। संतान की कुशलता और लंबी उम्र के लिए माताओं ने शुक्रवार को गणेश चतुर्थी या संकट चौथ का व्रत रखा। दिन भर व्रत रखने के बाद शाम को चंद्र उदय होने पर अर्घ्य दिया ओर अल्पाहार किया। जिले के ज्ञानपुर, गोपीगंज सहित विभिन्न इलाकों में महिलाओं ने पूजन किया। माघ माह के कृष्ण पक्ष चतुर्थी के दिन को संकट चौथ के नाम से भी जाना जाता है। त्योहार को लेकर बाजार में गहमागहमी रही। पूजा अर्चना और व्रत में उपयोग होने वाली सामग्रियों की दुकानों में खरीददारों की भीड़ रही। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री गणेश कई रूपों में अवतार लेकर मानव के दुखों को दूर करते हैं। श्री गणेश मंगलमूर्ति हैं, सभी देवों में सबसे पहले श्री गणेश का पूजन किया जाता है। श्री गणेश शुभ के प्रतीक हैं। बिना गणेश का पूजन किए कोई भी इच्छा पूरी नहीं होती है। गोपीगंज के बड़े शिव मंदिर पुजारी आचार्य शरद पांडेय बताते हैं कि गणेश चतुर्थी पर पूजन व दर्शन का विशेष महत्व है। ऐसे में संतान की कुशलता की कामना व लंबी आयु के लिए महिलाओं ने भगवान गणेश और माता पार्वती की विधिवत पूजा अर्चना की। महिलाओं ने दिनभर अन्न, जल ग्रहण नहीं किया। शाम के समय महिलाओं ने गुड़, तिल, गन्ना और शकरकंद से श्रीगणेश और माता पार्वती की पूजा की। देर शाम चंद्रोदय के समय व्रतधारी को तिल, गुड़ आदि का अर्घ्य देकर भगवान चंद्र देव से व्रत की सफलता की कामना की।