नोटबंदी के चलते शादी वाले परिवारों की समस्या बढ़ गई है। सात फेरे के लिए दस झमेले सामने आ रहे हैं। इससे केंद्र सरकार की बैंक खाते से ढाई लाख रुपये निकालने की सुविधा भी बेकार साबित होती दिख रही है। इसमें बैंकों की ओर से बताई जा रहीं शर्तें खाताधारकों के लिए मुसीबत का सबब बन चली हैं। ऐसे में जिन घरों में शादी के आयोजन सिर पर हैं, वे इसकी पेचीदगी में उलझकर गये हैं। बैंक और एटीएम का चक्कर लगा-लगाकर भी शादी खर्च की पूरी राशि नहीं मिल पा रही हैै।
नोटबंदी के एलान के बाद बैंकों में पैसे निकालने के लिए हर दिन कतारें लग रही हैं। शादी-विवाह, तिलक, तेरहवीं आदि कार्यक्रम जो पहले से तय हैं, उनकी तैयारी पूरी करने में लोगों की हालत खराब हो जा रही है। ऐसे परिवारों को राहत देने की खातिर केंद्र सरकार ने शादी खर्च के लिए ढाई लाख रुपये निकासी की मंजूरी दे दी है। लेकिन, इसके लिए जो शर्तें लगाई गईं हैं, उन्हें फौरी तौर पर उपलब्ध करा पाना आसान नहीं है। बैंक खर्च की सूची बिल के रूप में (कोटेशन), शादी कार्ड, शपथ पत्र के अलावा अन्य प्रमाण पत्र भी मांग रहे हैं।
जिनके यहां शादी का समय करीब है, वे तैयारी की भागदौड़ में लगे हैं। शादी का कार्ड लेकर बैकों में शपथ पत्र के साथ जा रहे हैं। लेकिन, भारी गहमागहमी के बीच पैसे देने के लिए उनसे कोटेशन की मांग की जा रही है। उपलब्ध न करा पाने पर दस-पांच हजार या सप्ताह में 24 हजार की राशि ही दी जा रही है। इससे ऐन मौके पर शादी के सामान की खरीदारी लोगों के लिए चुनौती बन गई है।