ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली जा रही है, लेकिन अब भी बिजली कनेक्शन नहीं होने जैसी महत्वपूर्ण समस्या बनी हुई है। कागजों में तो कनेक्शन तो दिखा दिया गया है, लेकिन वास्तविकता यह है कि बिजली के अभाव में बच्चे गर्मी में तप रहे हैं। एक, दो नहीं बल्कि कई ऐसे विद्यालय हैं, जहां बिजली कनेक्शन नहीं होने, तकनीकी खामियों के कारण पंखे बंद हैं। ऐसे में अब तो परिषदीय स्कूलों में छात्र संख्या भी कम होने लगी है।
ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों के भवन, पेयजल, शौचालय समेत अन्य सभी सुविधाएं बेहतर की जा रही हैं। जिले के 500 से अधिक स्कूलों में 70 से 80 फीसदी तक काम भी पूरा हो चुका है, लेकिन अब भी बिजली जैसी समस्या मुंह बाए खड़ी है। बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि डीघ ब्लॉक के छह स्कूलों को छोड़कर सभी में कनेक्शन हो चुका है, जबकि वास्तविकता कुछ और ही है। चौरी, औराई, सुरियावां, अभोली और ज्ञानपुर ब्लॉक के कई ऐसे स्कूल हैं, जहां या तो कनेक्शन नहीं है या तकनीकी खामी से पंखे बंद रहते हैं। सुरियावां के प्राथमिक विद्यालय बहुता, अंग्रेजी माध्यम स्कूल मोढ़ स्टेशन रोड और प्राथमिक विद्यालय चकमानसिंह में बिजली कनेक्शन भी है और पंखे भी लगे हैं, लेकिन कुछ कक्षाओं में तकनीकी दिक्कत के कारण पंखे नहीं चलते हैं। इसके चलते गर्मी में बच्चों को परेशान होना पड़ता है। उधर, भदोही ब्लॉक के कंपोजिट विद्यालय मानिकपुर में एक दशक बाद भी कनेक्शन नहीं हो सका है। यहां 213 बच्चे पंजीकृत हैं। पढ़ाई के दौरान बच्चे किताब से हवा कर पसीना सुखाते हैं। प्रधानाध्यापक चंद्रजीत दुबे का कहना है कि समस्या से अधिकारियों को अवगत कराया गया है। डीघ ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय बैरीबीसा, सुरियावां के चकपड़री, चकभवानीदास में भी बिजली कनेक्शन नहीं हो सका है। इसके चलते बच्चे गर्मी में पढ़ने को विवश हैं। चकपड़री के ग्राम प्रधान श्याम यादव का कहना है कि आठ माह पूर्व कनेक्शन के लिए पत्र दिया गया था, लेकिन अब तक नहीं मिल सका है। यही हाल कंपोजिट विद्यालय भटेवरा का है। इस बीच भीषण गर्मी, उमस संग शादी-विवाह का सीजन होने से स्कूलों में छात्र संख्या 30 फीसदी तक पहुंच गई है। प्राथमिक विद्यालय चकमानसिंह में पहली से पांचवीं तक कुल 150 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन मंगलवार को 50 बच्चे भी विद्यालय नहीं पहुंचे। बहुता में पंजीकृत 200 विद्यार्थियों में से मात्र 70 बच्चे ही आए। कमोवेश यही स्थिति अन्य विद्यालयों में भी देखने को मिली। प्रभारी बीएसए रमाकांत सिंह का कहना है कि जिले के छह स्कूलों में बिजली का कनेक्शन नहीं हो सका है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत शिक्षक व ग्राम प्रधान तकनीकी दिक्कत को दूर करा सकते हैं। जहां दिक्कत है, उसे दिखवाया जाएगा।