जिले में बहुप्रतिक्षित रामपुर गंगा घाट पर पक्के पुल के निर्माण की स्वीकृति मिल गई। जिस पर 339 करोड़ 73 लाख खर्च होगा। शुक्रवार को व्यय वित्त समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इसके निर्माण से यूपी-एमपी की दूरी कम हो जाएगी। वहीं मिर्जापुर और भदोही का फासला भी कम होगा।
प्रयागराज और वाराणसी के मध्य स्थित प्रमुख व्यावसायिक नगर गोपीगंज में व्यापार करने के लिए मिर्जापुर जनपद से प्रतिदिन हजारों की संख्या में किसान, दूध, सब्जी का व्यवसाय करने के लिए आते हैं। वहीं जिले के लोग मीरजापुर जाने के लिए रामपुर पीपा पुल का प्रयोग करते हैं। गर्मी के दिनों में तो पीपा पुल बन जाने से उन्हें राहत मिल जाती है, लेकिन बारिश के दिनों में तो मानों उन्हें मौत हाथ में लेकर चलना पड़ता है। गैर जनपदों के व्यापारियों के आवागमन से स्थानीय व्यापारियों को लाभ होता है तो वहीं रोजगार सृजन होने से युवाओं को रोजगार भी मिल जाता है। विधानसभा चुनाव के पहले उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पक्के पुल के निर्माण की घोषणा की थी। उसके बाद पुल निर्माण के लिए प्रस्ताव तैयार करने के लिए राज्य सेतु निगम को निर्देशित किया था। ब्रिज कार्पोरेशन की ओर से रामपुर गंगा घाट पर पक्का पुल निर्माण के लिए करीब 350 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया था। करीब दो साल बाद पुल निर्माण को स्वीकृति मिल गई। सांसद रमेश चंद्र बिंद ने बताया कि गंगा पर पुल निर्माण की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री से पूर्व में कई बार मुलाकात की गई। अंतत: स्वीकृति मिल गई। यह जिले के लोगों के लिए बड़ी सौगात है।
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मिर्जापुर और एमपी की दूरी हो जाएगी कम
ज्ञानपुर। रामपुर गंगा घाट पर पक्के पुल के निर्माण से मिर्जापुर और मध्य प्रदेश की दूरी कम हो जाएगी। अभी तक लोग वाहनों से चील्ह होते हुए शास्त्री पुल के माध्यम से जाते हैं। इससे लोगों को लगभग 25 से 30 किमी अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता था। पुल बनने के बाद से केवल आठ से 10 किमी दूरी तय करनी होगी। इसके साथ ही मध्यप्रदेश जाने वाले लोगों को मिर्जापुर से मांडा और फिर वहां से विजयपुर होते हुए एमपी प्रवेश करते थे। जिसके लिए उन्हें 80 से 90 किमी पड़ता है। पुल बन जाता है तो उन्हें केवल 25 किमी ही दूरी तय करनी होगी।
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पीपापुल बनने वाले खर्च की होगी बचत
ज्ञानपुर। रामपुर गंगा घाट पर अभी तक पीपा पुल से ही लोगों का आवागमन होता है। बारिश में उसे हटा दिया जाता है। हर साल कुछ पीपापुल गायब हो जाते हैं। पीडब्ल्यूडी के अनुसार हर साल पीपा पुल के निर्माण में चार से पांच लाख रुपये खर्च होते हैं। पुल बन जाने से यह खर्च बचेगा।