डीएम ने एक-एक विभाग के कार्यों का अवलोकन किया और निर्देशित किया कि तय समय में सभी कार्य पूर्ण कराए जाएं। अफसरों को चेताया कि वह फर्जी आंकड़ेबाजी से बाज आएं।
स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी जताई और बीडीओ सुरियावां के खिलाफ शासन को पत्र लिखा। कहा कि जिले के लोहिया गांवों में हो रहे विकास कार्यों की जांच टास्क फोर्स गठित कर कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं में शामिल डा. राम मनोहर लोहिया गांव में एक भी कार्य मानक के विपरीत मिलने पर संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। धन उपलब्धता के बाद भी कार्य पूरा न होना गंभीर विषय है।
कार्यदायी संस्थाओं से कहा कि वह दिन और रात एक करके अधूरे कार्यों को पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों का सत्यापन एक सप्ताह के बाद वह खुद करेंगे।
खंड विकास अधिकारी सुरियावां मीना रानी गुप्ता को काम के प्रति उदासीनता बरतने पर प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास आयुक्त को पत्र लिखा।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी जताते हुए कहा कि सीएचसी और पीएचसी में दवाओं आदि की व्यवस्था सही की जाए। उन्होने अफसरों को चेताया कि वह फर्जी आंकड़ेबाजी से बाज आए।
अधिशासी अभियंता जल निगम को निर्देश दिया कि गांवों में खराब हैंडपंप को जल्द सही किया जाए। कहा कि डा. राम मनोहर लोहिया गांव में कराए जा रहे कार्यों की जांच टास्क फोर्स गठित कर कराएंगे।
जांच में कमी मिलने पर संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीडीओ आरपी मिश्रा, डीएसओ संतोष निरंजन, प्रभारी जिला विद्यालय निरीक्षक शिवेंद्र प्रताप सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।