जिले में ठंड का कहर सोमवार को भी जारी रहा। कड़ाके की पड़ रही ठंड की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई। दो दिनों के विपरित सोमवार को पारा चढ़ा लेकिन गलन से लोग परेशान रहे।
जगह-जगह अलाव जलाकर लोग ठंड से बचने की जुगत करते रहे। उत्तराखंड और हिमांचल प्रदेश में हुई बर्फबारी और बारिश के बाद शनिवार और रविवार को जिले में भी बूंदाबांदी और बारिश संग गलन भरी हवाओं का रूख रहा।
इससे रविवार को पारा काफी लुढ़क गया था। सोमवार को सुबह से शाम तक आसमान में बादल छाए रहे लेकिन रह-रहकर भगवान भास्कर बादलों से बाहर निकलकर दर्शन देते रहे।
इससे दो दिनों के विपरित पारा कुछ हद तक चढ़ा लेकिन गलन से लोगों को निजात नहीं मिली। कौलापुर संवाददाता के अनुसार, कड़ाके की पड़ रही ठंड की चपेट में आने से घनश्यामपुर गांव निवासी राजबली (55) की मौत हो गई।
रविवार को भोर में शौच से लौटने के बाद अचानक पेट में दर्द हुआ। परिवार वाले अस्पताल ले ही जा रहे थे कि रास्ते में उनकी मौत हो गई। परिवार वालों ने मौत की वजह ठंड लगना बताया है।
ऊंज संवाददाता के अनुसार, क्षेत्र के बिछियां गांव में ठंड की चपेट में आने से गोले दलित (48) की मौत हो गई। बताया जाता है कि सोमवार को भोर में शौच करने के लिए गया था। वहां से लौटने के बाद अचानक उसकी तबियत खराब हुई।
आसपास के लोग उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे कि उसकी मौत हो गई। घर एवं गांव वालों ने बताया कि ठंड लगने से ही उनकी मौत हुई है।