ज्ञानपुर। मौसम बदलने के साथ ही बीमारियों ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। सर्द मौसम में कोल्ड डायरिया तेजी से लोगों को चपेट में लेने लगा है। अस्पतालों में इसके मरीज बढ़ रहे हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में कोल्ड डायरिया के 10 मरीज पहुंचे। इनमें ज्यादातर बच्चे थे। चिकित्सकों ने बदलते मौसम में बच्चों का खास ध्यान रखने की सलाह दी है।मौसम में बदलाव के चलते बच्चों में बुखार, सर्दी और खांसी की समस्या बढ़ रही है। डाक्टरों का कहना है कि जल्द इलाज न शुरू किया गया तो बच्चे निमोनिया से ग्रसित हो सकते हैं। मंगलवार को दशवतपुर गांव निवासी एलिना (3), प्रांजल (आठ माह), निशांत (तीन महीन) और दानूपुर गांव निवासी एक नवजात शिशु कोल्ड डायरिया की चपेट में आकर अस्पताल में भर्ती कराए गए। महाराजा चेतसिंह जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. आरपी गुप्ता ने बताया कि अक्तूबर से दिसबंर तक कोल्ड डायरिया का ज्यादा प्रकोप रहता है। यह रोटा वायरस के इंनफेक्शन से होता है। दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों में यह ज्यादा होता है। प्रतिदिन 15 से 20 बच्चे इलाज के लिए जिला अस्पताल में आते हैं। डॉ. सुजीत कुमार बिंद बताते हैं कि मौसम के मिजाज को लोग समझ नहीं पाते तो यह बीमारी चपेट में लेती है। इसकी वजह से पेट में दर्द, चक्कर, हाथ पैर में जकड़न आदि समस्याएं होती हैं। इससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है। ऐसे में जरूरत के अनुसार कपड़े पहने और पास में रखें। साथ ही खानपान में विशेष ध्यान रखना चाहिए।