कार्यक्रम के मद्देनजर फोर्स को दिशा-निर्देश देते पुलिस अधीक्षक
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सिंह ने बताया कि तीन मंजिला कारपेट बाजार में उद्यमियों के लिए 94 दुकानें उपलब्ध होंगी। इसमें शापिंग मार्ट, म्यूजियम, स्माल शॉप, एग्जीविशन हॉल, स्टाफ क्वार्टर और गेस्ट हाउस की भी व्यवस्था होगी। शापिंग मार्ट के माध्यम से स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को अपने चुनिंदा उत्पाद बेचने का अवसर मिलेगा। प्रदर्शनी हाल में अंतर्राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। इससे स्थानीय कारीगरों को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
प्रदेश के कुल कालीन उत्पादन का 95 प्रतिशत अमेरिका, जर्मनी, आस्ट्रेलिया, कनाडा और ब्रिटेन आदि देशों में निर्यात किया जाता है। कारपेट की बढ़ती वैश्विक मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) कार्यक्रम में भदोही के कारपेट को शामिल किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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इसके माध्यम से कालीन उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और करीगरों को वित पोषण, बिक्री, डिजाइन विकास, कच्चा माल, बैंक ऋण आदि की सहायता प्रदान की जा रही है। सिद्धार्थ ने कहा कि इसके अलावा भदोही में ओडीओपी के तहत सामान्य सुविधा केंद्र (सीएफसी) स्थापित कराई जाएगी। सीएफसी की स्थापना से उद्यमियों को स्थानीय स्तर पर यार्न (धागा) उपलब्ध होगा, जो अब तक देश के अन्य राज्यों या देशों से आयात किया जाता है।