कालीन नगरी में दो दिनों से मानसून मेहरबान है। तेज हवा संग शनिवार की पूरी रात रुक -रुककर बारिश होती रही।रविवार को दोपहर तक रिमझिम फुहारें लोगों को भिगोते रहे। बारिश से लोगों की दिनचर्या बिगड़ गई है। नगर से लेकर ग्रामीण अंचलों की सड़कें चलने लायक नहीं है। जल निकासी की सुविधा न होने से गली-मोहल्ले में पानी भर जाने से जनमानस को तरह-तरह की परेशानियां उठानी पड़ी। कई स्थानों पर हवा तेज होने से विशालकाय पेड़ और कच्चे घर गिर गए। बारिश से सूख रही धान की फसल को संजीवनी मिल गई। किसान अब यूरिया के छिड़काव को तेज कर दिए हैं। जून के पहले पखवारे को छोड़ दें तो करीब डेढ़ महीने तक मौसम रूठा रहा। कभी कभार एक से दो घंटे बारिश होती, लेकिन अगले दिन तेज धूप परेशानी बढ़ा देती। शुक्रवार से बदला मौसम अब भी रिमझिम फुहारों से लोगों को भिगो रहा है। शनिवार शाम करीब सात बजे से रात 11 बजे तक तेज जबकि पूरी रात रिमझिम बारिश होती रही। रविवार को भी दिन में रुक-रुककर रिमझिम फुहारें गिरते रहे। बारिश से ऊंज के बयांव गांव में रामचंद्र पांडेय का कच्चा घर गिर जाने से बर्तन, गेहूं-चावल, बिस्तर, खटिया समेत हजारों रुपये के सामान दबकर खराब हो गए। इसी तरह कलियापुर में नीलम चौहान, सुशीला देवी चौहान, सावित्री देवी के कच्चे घर देखते ही देखते जमींदोज हो गए। औराई ब्लॉक के माधोसिंह नईबस्ती और बाजार के गली-मुहल्लों में बारिश का पानी भर जाने से गंदगी का अंबार लगा रहा। इससे आवागमन भ बाधित रहा। नावेद आलम, एबरार अहमद, रमजान अली, इजहार, सारिक, डा.बेलाल, इरशाद अहमद, दिलाशाद अहमद ने बताया कि माधोसिंह बाजार मार्ग भमौरा, त्रिलोकपुर गांव को भी जोड़ता है लेकिन जनप्रतिनिधियों और ब्लॉक अधिकारियों की मनमानी से मार्गों की हालत दिनोंदिन खराब होती जा रही है जिसका मात्र कारण नाला का निर्माण न कराया जाना है। यही स्थिति राजमार्ग पर गोपीगंज के पड़ाव, लालानगर टोलप्लाजा, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन मार्ग पर बनी रही। जंगीगंज बस स्टाप के सामने जमे गंदे पानी के चलते यात्रियों का खड़ा होना भी मुश्किल हो गया। उप निदेशक कृषि अरविंद सिंह ने बताया कि 24 घंटे में 63 मिमी बारिश दर्ज की गई। उन्होंने बताया कि यह बारिश धान की फसल के लिए फायदेमंद है। किसान इस समय यूरिया का छिड़काव कर सकते हैं।