भदोही। राजकीय चिकित्सालयों में ओपीडी बंद हुए एक माह से अधिक हो चुके हैं। न केवल सभी प्रकार के आपरेशन बंद हैं बल्कि मरीजों को परामर्श तक नहीं मिल पा रहा है। लोग निजी अस्पतालों की ओर भाग रहे हैं लेकिन वहां कोरोना के भय से कई चिकित्सकों ने ओपीडी बंद कर रखी है। कई चिकित्सक तो निजी कारणों से मरीजों को नहीं देख रहे हैं। इससे कोरोना से ठीक होकर आए मरीजों के साथ साथ सामान्य रोगों के मरीजों के सामने भी परेशानी खड़ी कर दी है।
शहर के महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल में सामान्य दिनों में प्रतिदिन दो सौ मरीजों की ओपीडी हो जाती थी। कमोवेश ऐसी स्थिति चौरी रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की भी होती है। यदि निजी अस्पतालों की बात करें तो एक दर्जन से अधिक निजी चिकित्सकों के यहां प्रतिदिन ओपीडी में एक हजार से अधिक मरीज परामर्श लेते थे। लेकिन कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या देखते हुए राज्य सरकार ने 17 अप्रैल से सभी राजकीय अस्पतालों में ओपीडी सेवा बंद कर दी थी। जिसके बाद से निजी चिकित्सकों के यहां भी ओपीडी बंद चल रही है। तब से लेकर आज तक सामान्य मरीजों के पास उपचार के लिए दर दर भटकने के सिवा कोई चारा नहीं है।
कोरोना के मरीज जो ठीक होकर घर लौट रहे हैं अपनी खांसी, बुखार जैसी परेशानियों में डाक्टर से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। इनमें अधिकतर मरीज या तो देशी दवाएं ले रहे हैं अथवा टेलीफोनिक सहायता ले पा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अब कोरोना का प्रभाव घट रहा है। ऐसे में राज्य सरकार को ओपीडी चालू करने के बारे में सकारात्मक फैसला लेना चाहिए।
फिलहाल सभी डाक्टर कोरोना की जांच, तथा उपचार में लगे हैं। हमारे यहां वैक्सीनेशन भी चल रहा है। शासन द्वारा ओपीडी शुरू करने का निर्देश आते ही शुरू कर दिया जाएगा। इमरजेंसी उपचार दिया जा रहा है।- डा.वीके सिंह, अधीक्षक सीएचसी, भदोही