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बंद पड़े तकनीकी परामर्श केंद्र की सुधि ली

Thu, 31 Dec 2015 01:53 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, भदोही
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 कुछ बच्चों के वजन में पहले से कमी आने पर डीएम नाराज हुए और मातहतों को फटकार लगाई। उन्होंने मौजूद बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) यामिनी रंजन व स्वास्थ कर्मियों से जवाब तलब करते हुए आवश्यक दिशानिर्देश दिए।
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डीपीआरओ को निर्देश दिया कि कुपोषित और अति कुपौषित बच्चों के घर शौचालय निर्माण सुनिश्चित कराएं।
ग्रामसभा सर्रोई के तीनों केंद्रों को जिलाधिकारी ने मिशन के तहत गोद लिया है।

गांव में पिछड़े और अतिपिछड़ों की आबादी ज्यादा है। डीएम के गोद लिए जाने के समय कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक थी, लेकिन धीरे धीरे सुधार देखने को मिला है।

 आज डीएम पहले पूर्व मध्यमिक विद्यालय सर्रोई के आंगनबाडी केंद्र पहुंचे।

 यहां पहले से बच्चे और उनकी माताएं मौजूद थीं। डीएम ने रजिस्टरों की जांच की और बच्चों का वजन कराया। कई महिलाओं से केंद्रो से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। साथ ही केंद्र संचालकों को सख्त हिदायत दी कि लापरवाही क्षम्य नहीं है।
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कुछ महिलाओं ने बताया कि उनके घर पर ना शौचालय है ना गरीबी वाला राशन कार्ड। इस पर डीएम ने डीपीआरओ को कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों के घर चिन्हित कर शौचालय निर्माण सुनिश्चित कराएं।

कुल मिलाकर स्थिति संतोषजनक रही लेकिन कुछ बच्चों का वजन कम होने को गंभीरता से लेते हुए पुष्टाहार की मात्रा दोगुना करनेे का निर्देश दिया।


यहां के बाद दो और केंद्रो का भी उन्होंने निरीक्षण किया और अधिकारियों से सभी केंद्रो के बच्चों व उनके पिता का नाम और संपर्क नंबरों की सूची मांगी। कहा कि कमियां होने पर संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र के संचालकों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

 निरीक्षण में एसडीएम आशाराम यादव, सीएमओ डा.डीके सोनकर, सीएचसी के अधीक्षक डा. रामाशीष, डीपीओ रावीश्वर राव, विवेकानन्द मिश्र सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे।
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इनसेट
भदोही। सर्रोई में आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण के दौरान डीएम प्रकाश बिंदु उसी गांव में बने राजकीय कृषि निवेश बिक्री एवं तकनीकी परामर्श केंद्र पहुंच गए।

केंद्र में ताला बंद होने को लेकर उन्हें नाराजगी जताई और वहीं से उपकृषि निदेशक से टेलीफोन पर बात कर केंद्र का हाल बताया। डीएम ने कृषि निदेशक से कहा कि वेे केंद्र में ताला बंदी के कारणों की जांच कराकर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें अवगत कराएं।


डीएम जब सर्रोई पहुंचे तभी उनकी नजर बंद पड़े केंद्र पर पड़ गई थी, लेकिन पहले उन्होंने पहले कुपोषित बच्चों का हाल जाना और वहां से वापसी में वाहन रोक कर तकनीकी परामर्श केंद्र पहुंच गए।

वहां ताला लगा और पास ही एक कर्मचारी से पूछताछ की लेकिन खास जानकारी नहीं मिल पाई। इस पर उन्होंने साथ मौजूद नायब तहसीलदार विवेकानंद मिश्र से केंद्र के रजिस्टरों की जांच और केंद्र में उपलब्ध सामग्रियों की तौल कराकर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
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