आधुनिक एवं डिजिटल शिक्षा देने की मुहिम में अग्रसर प्राथमिक विद्यालय चितईपुर में बुधवार से बच्चों की टैबलेट पर कक्षाएं संचालित होनी शुरू हो गईं। राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अरविंद पाल ने हर कक्षा के लिए 10-10 टैबलेट उपलब्ध कराए। डीएम राजेंद्र प्रसाद ने डिजिटल स्कूल का शुभारंभ करते हुए इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब सरकारी स्कूलों में शिक्षा की दशा और दिशा काफी बदल चुकी है।
शिक्षक कठिन मेहनत से बच्चों का भविष्य उज्ज्वल बना रहे हैं। वह बुधवार को मॉडल प्राथमिक विद्यालय चितईपुर में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय चितईपुर के शिक्षकों की प्रशंसा करे हुए कहा कि वर्तमान परिवेश में शासन बच्चों को बेहतर शिक्षा मुहैया कराना चाहती है, जिसे राज्य पुरस्कार शिक्षक बेहतर ढंग से कर रहे हैं।
डीएम ने जिले के अन्य शिक्षकों को इसी तरह स्कूलों में पठन-पाठन के लिए प्रेरित किया। वाईफाई से जुड़े स्कूल में डीएम और बीएसए अमित कुमार के समक्ष बच्चों ने टैबलेट पर अपनी प्रतिभा को दर्शाया। स्कूल के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। बताते चलें कि स्कूल में पहले से ही ऑडियो सिस्टम, लैपटाप, प्रोजेक्टर, कंप्यूटर लैब, सीसीटीवी कैमरा समेत अन्य व्यवस्थाएं पहले से ही हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि चितईपुर प्राथमिक विद्यालय दूसरे स्कूलों के लिए आदर्श है। इसके पूर्व अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। खंड शिक्षा अधिकारी केडी पांडेय, जया त्रिपाठी ने भी संबोधित किया। संचालन बीएल पाल ने किया।
इस मौके पर आरके सिंह, गोपेश मिश्र, रमेेश चंद्र यादव, अनीता गुप्ता, हरिशंकर यादव, सौरभ सिंह, आद्या प्रसाद विश्वकर्मा, रामरथी, माला कुमारी, सुधा देवी, सियाराम पाल, अरविंद मौर्य, तेज बहादुर पाल आदि मौजूद रहे।