ज्ञानपुर। जिले में पहली बारिश के बाद ही गांव से लेकर शहर तक की बेहतर सड़कों के दावों की पोल खुल गई। जिले में चले तमाम गड्ढामुक्ति अभियानों के बाद भी सड़कों के गड्ढे लोगों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। चार मुख्य सड़कों पर 60 से अधिक गड्ढे बने हुए हैं। भदोही से सुरियावां तक 15 किमी मार्ग पर 10 जगहों पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं। चार सालों से यह ऐसे ही हैं। ऊंज के साकेत नगर कुरमैचा से निकलकर प्रयागराज सीमा तक जाने वाली दो किमी लंबी सड़क और मोढ़ के देवदासपुर से महुआपुर होते हुए सुरियावां जाने वाली तीन किमी व सुरियावां के बहुता से हरिहरपुर होते हुए बीसापुर विसही निगोह जौनपुर को जोड़ने वाले तीन किमी सड़क पर 50 से अधिक गड्ढे हैं। ग्रामीण इलाकों में जगह-जगह सड़कों पर जलभराव लोगों के लिए परेशानी का सबब बनते जा रहे हैं। आने वाले मॉनसून सीजन में इन सड़कों पर चलना दुरुह होगा।
हर साल मॉनसून सीजन के पहले सड़कों की पैचिंग कराकर दुरुस्त कराया जाता है। इस बार भले ही अब तक मॉनसून न आया हो, लेकिन पहली बरसात से ही आने वाले मॉनसून के तेवर का अंदाजा लगाया जा सकता है। बीते शनिवार को लगभग दो घंटे की तेज बारिश के बाद जिले में कई इलाकों के सड़कों की पोल खुल गई है। सड़कों पर पिछले दो दिनों से भरा पानी आने वाले दिनों की झलकियां दिखाने के लिए काफी है। हर साल चलने वाले गड्ढामुक्ति अभियान के बाद भी सड़कों के गड्ढों से लोगों को मुक्ति मिलती नहीं दिख रही है।चौरी बाजार के मुख्य तिराहा से परसीपुर रेलवे फाटक तक 2017 में बनी 500 मीटर इंटरलॉकिंग, परसीपुर रेलवे स्टेशन के ठीक सामने से निकलने माधोरामपुर-कंतापुर की दो किमी और भदोही-वाराणसी मार्ग से जुड़ने वाला रोटहा-अनेगपुर का डेढ़ किमी मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है।
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छह साल बाद भी नहीं बनी सड़क
डीघ ब्लॉक के मदनपुर गांव की पक्की सड़क जर्जर हो जाने से ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। बेरवां पहाड़पुर संपर्क सड़क से मदनपुर गांव तक लगभग 500 मीटर पक्की सड़क बनी है। वर्तमान में जगह-जगह यह सड़क जर्जर हो गई है। गांव के विकास पांडेय ने बताया कि इस सड़क का निर्माण जिला पंचायत की निधि से हुआ था, लेकिन सड़क निर्माण के 6 साल बाद भी रिपेयर कार्य नहीं कराया गया। ग्रामीणों ने जिला पंचायत अध्यक्ष से जर्जर सड़क निर्माण की मांग की है।
वर्जन
सड़कों की पैचिंग और मरम्मत को लेकर कार्ययोजना भेजी गई है। बजट मिलते ही काम कराया जाएगा।
-जैनू राम, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।