गोपीगंज। पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुआडीह-इलाहाबाद सिटी खंड स्थित ज्ञानपुर रोड स्टेशन से होकर गुजरने पैसेंजर सहित पांच ट्रेनों को निरस्त कर दिया गया है और आठ से अधिक महत्वपूर्ण मेल-एक्सप्रेस का रूट बदल कर चलाने का फरमान वाराणसी मंडल प्रशासन ने जारी कर यात्रियों की परेशानी और बढ़ा दी है। फरमान का असर 27 नवंबर बुधवार से ही देखने मिला, जिससे केवल सुबह-शाम चल रही दो जोड़ी पैसेंजर के अलावा दिन में कोई सुविधा न होने से यात्री लौटने को मजबूर होते रहे।
जानकारी देते हुए कार्यवाहक स्टेशन मास्टर अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि मंडुआडीह से इलाहाबाद सिटी तक फेरा लगाने वाली पैसेंजर ट्रेन संख्या 55126-27, 55128-29, मडुआडीह वाया मुजफ्फरपुर अप-डाउन चलने वाली बापूधाम एक्सप्रेस गाड़ी चार दिसंबर तक निरस्त रहेगी। इसी तरह रुट बदल चलने वाली ट्रेनों में 27, 29 30 नवंबर और एक, तीन और चार दिसंबर 22435-22436 नईदिल्ली-वाराणसी को आने-जाने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग इलाहाबाद-जंघई-वाराणसी के रास्ते चलाई जाएगी। इसी तरह 26, 27 और 28 नवंबर एवं दो-तीन दिसंबर तक लोकमान्य तिलक टर्मिनस वाया दरभंगा तक जाने वाली पवन एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग इलाहाबाद-जंघई-वाराणसी के रास्ते चलेगी। इसी तरह 28 नवंबर, दो और तीन दिसंबर को सिकंदराबाद से दानापुर तक चलने वाली एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग पं. दीनदयाल उपध्याय जंक्शन के रास्ते चलेगी। इसी तरह तीन और चार दिसंबर को दानापुर एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग पं.दिनदयाल उपध्याय-प्रयागराज-छिवकी के रास्ते चलाई जाएगी। इसी तरह तीन व चार दि संबर को सीतामढ़ी- आनंद विहार तक जाने वाले लिच्छवी एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग औडिहार-जौनपुर-जंघई-प्रयागराज के रास्ते चलाई जाएगी। इसी तरह तीन दिसंबर को लिच्छवी प्रयागराज-जंघई-जौनपुर-औड़िहार के रास्ते चलेगी। इसी तरह तीन दिसंबर को पटना-अहमदाबाद एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग पं. दीनदयाल उपध्याय जंक्शन, प्रयागराज-छिवकी के रास्ते चलाई जाएगी। इसी तरह दो से चार दिसंबर तक हावड़ा-इलाहाबाद सिटी तक जाने वाली विभूति एक्सप्रेस पं. दीनदयाल उपध्याय जंक्शन से ही ओरिजनेट होकर चलेगी। इसी तरह दो दिसंबर को मुजफ्फरपुर से मंडुवाडीह तक चलने वाली बापूधाम एक्सप्रेस का शार्ट टर्मिनेशन वाराणसी सिटी पर होगा। पैसेंजर ट्रेनों के निरस्त होने और रुट बदलने का मुख्य कारण मंडुआडीह जंक्शन पर नान इंटरलॉकिंग का कार्य अंतिम चरण में होने एवं हरदत्तपुर तक दोहरीकरण बताया गया है।