हरिहरनाथ मंदिर में शहीद शीतल पाल की जयंती मनाने पर मंथन करते धनगर समाज के लोग। संवाद
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वहिदानगर। आपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय स्कूलों में तमाम काम कराए जा रहे हैं, लेकिन अब भी कई जर्जर विद्यालयों में कक्षाएं चल रही हैं। ऐसा ही एक विद्यालय है दरवांसी। डीघ ब्लॉक के दरवांसी गांव स्थित कन्या उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत जर्जर हो चुकी है। यहां का शौचालय भी खराब हो चुका है, लेकिन अब तक सुधार नहीं हो सका। अभिभावक राजेश सिंह ने बताया कि उक्त विद्यालय की स्थापना एक दशक पूर्व हुई थी। यहां से बड़ी संख्या में बालिकाओं ने शिक्षा लेकर सर्व शिक्षा अभियान को सफल बनाया। एक दशक में कई अन्य विद्यालयों की स्थिति में काफी सुधार हुआ लेकिन उक्त विद्यालय जस का तस रहा। मरम्मत से स्कूल में तीन कक्ष की छत बारिश में टपकती हैं। इससे प्लास्टर का चापड़ छात्र-छात्राओं, शिक्षकों के ऊपर ही गिरता रहता है। तीन माह पूर्व मंडलायुक्त, डीएम पोर्टल पर हुई शिकायत पर खंड शिक्षा अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंची तो उनके ऊपर भी जर्जर प्लास्टर का चापड़ गिर पड़ा। स्थिति को भांपकर अधिकारी ने बच्चों को कक्ष के अंदर न बैठाने का निर्देश दिया। शिक्षक राजेश दुबे, बृजभान सिंह ने बताया कि विद्यालय में कुल 62 छात्र-छात्राएं हैं। छत जर्जर होने के बाद भी विवशता में शिक्षण कार्य कराया जा रहा है। स्कूल में दिव्यांग और सामान्य शौचालय बने तो हैं स्थिति खराब होने, सुविधा न मिलने से कूड़ा कक्ष बनकर रह गए हैं। बीएसए भूपेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि पंजीकृत बच्चों को दूसरे विद्यालय में भेजने का निर्देश खंड शिक्षा अधिकारी को दिया गया है। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी।