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747 स्कूलों में बनेगी बाल वाटिका, सुरक्षित होगा रिकार्ड

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ज्ञानपुर। जिले के 747 परिषदीय विद्यालयों के परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की बाल वाटिका में पढ़ रहे बच्चों का भी रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसके लिए शासन की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को निर्देशित कर दिया गया है। जिले के सभी प्रधानाध्यापकों को बच्चों का ब्योरा प्रेरणा पोर्टल पर 15 सितंबर तक हर हाल में अपलोड करने का निर्देश दिया गया है। जिले के छह ब्लॉकों और सात नगर निकायों में 1496 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित है। इसमें 350 के पास ही खुद का अपना भवन है। इसके अलावा 747 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय जबकि अन्य किराए और पंचायत भवन में चल रहे हैं। अब परिषदीय विद्यालयों के परिसर में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों की बाल वाटिका में पढ़ रहे बच्चों का भी रिकॉर्ड रखेगा। इसके लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद की ओर सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। भेजे गए निर्देश में महानिदेशक ने कहा है कि निपुण भारत मिशन के तहत इस बार विशेष शिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। इसी क्रम में ऐसे परिषदीय विद्यालय जहां आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, वहां बाल वाटिका में नामांकित 5 से 6 आयु वर्ग के बच्चों का नामांकन प्रधानाध्यापक प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज करेंगे। यह कार्य 15 सितंबर तक पूरा करना होगा। अभी बाल वाटिका में पढ़ रहे बच्चों का ब्योरा न होने से उनका कक्षा एक में प्रवेश कराने में कुछ दिक्कत होती है। विभाग को भी पता रहेगा कि कक्षा एक में कितने बच्चों का दाखिला होना है और उस हिसाब से इंतजाम भी हो सकेंगे। शिक्षा विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो छह ब्लॉक के 747 स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें 35 हजार से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। परिषदीय स्कूल परिसरों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों में बाल वाटिका बनाई गई है। यहां बच्चों को दो अक्षर के शब्दों का ज्ञान कराया जाता है। इन बच्चों के नाम प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज होने से भविष्य में एडमिशन में दिक्कत नहीं होगी। इसके लिए सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है। - भूपेंद्र नारायण सिंह, बीएसए।
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