ज्ञानपुर। जिले के 364 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर अब बच्चों की पढ़ाई सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रंगों और चित्रों के साथ और भी रोचक बनेगी। पेंसिल, क्रेयान, वॉटर कलर, चार्ट, फ्लैश कार्ड और कार्यपत्रक जैसी चीजें अब उनकी पढ़ाई का हिस्सा होगी। इसके लिए को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को हर महीने स्टेशनरी मिलेगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने 364 केंद्रों के लिए 36.40 लाख की धनराशि जारी किया है।
जिले में कुल 1492 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। इसमें 432 आंगनबाड़ी केंद्र परिषदीय विद्यालय परिसर में संचालित हैं। इन केंद्रों को को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र बनाया गया है। नई शिक्षा नीति में प्राथमिक विद्यालय में कक्षा-एक में प्रवेश से पहले तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों पर पढ़ाया जाएगा। को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों में स्टेशनरी खरीदने के लिए पांच सदस्यों वाली एक समिति का गठन किया जाएगा। जिसमें विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष को अध्यक्ष, विद्यालय के प्रधानाध्यापक-इंचार्ज प्रधानाध्यापक सदस्य सचिव, संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सदस्य, संबंधित क्षेत्र की सुपरवाइजर सदस्य और नोडल अध्यापक प्री-प्राइमरी भी इसके सदस्य होंगे।
इन केंद्रों पर पढ़ने वाले बच्चों को स्टेशनरी की दिक्कत न हो इसलिए हर महीने एक हजार की दर से एक-एक केंद्र को 10-10 हजार की धनराशि भेजी गई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि 364 को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्रों को कुल 36.40 लाख की धनराशि जारी की गई है। स्टेशनरी खरीद के लिए सभी बीईओ को निर्देश दिया गया है।