ज्ञानपुर। नरक चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली रविवार को है। इस दिन यम को दीपदान करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। यम को प्रसन्न करने के लिए घर की महिलाएं शाम को स्नान ध्यान कर घर के मुख्यद्वार पर दीपदान करती हैं। वहीं व्यापारी प्रतिष्ठानों के बाहर दीप जलाते हैं। यह दीप सरसों के तेल का होता है, जो एक से डेढ़ घंटे तक मिट्टी के दीये में जगमग तरीके से जलता है। सुजातपुर निवासी आचार्य शरद पांडेय ने बताया कि छोटी दिवाली रविवार को मनाई जाएगी। इसे नरक चतुर्दशी भी कहा जाता है। इसे सौंदर्य प्राप्ति और आयु प्राप्ति का दिन माना जाता है। घर की बड़ी बुजुर्ग महिलाएं शाम को स्नान कर दक्षिण मुख करके सरसों के तेल का दीपक जलाती हैं। यह दीपक घर के मुख्य चौखट पर जलाया जाता है। इससे घर की नकारात्मकता दूर होती है। इसीलिए छोटी दिवाली पर यम को दीये जलाने का प्रावधान है। बताया कि छोटी दिवाली के दिन भगवान श्रीकृष्ण की उपासना भी की जाती है। क्योंकि इसी दिन उन्होंने नरकासुर नाम के राक्षस का वध किया था।