प्रतिमाओं का रंग रोगन करते बंगाल के मूर्तिकार किशन पाल
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भदोही। कर्बला के शहीदों की याद में मनाया जाने वाला चेहल्लुम शनिवार को अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। भदोही शहर के दर्जनों छोटे-बड़े ताजिये दोपहर तकिया कल्लन शाह पर जमा हुए। कई ताजिये आकर्षण का केंद्र बने रहे। यहां से जुलूस कटरा बाजार गोला मंडी कर्बला ले जाकर बारी-बारी से दफन हुए। सुरक्षा के लिए रास्ते में पुलिस लगी रही। मोहर्रम की यौमे आशूरा के चालीसवें दिन चेहल्लुम मनाया जाता है। विभिन्न मोहल्लों में अकीदतमंद मुसलमान आकर्षक ताजिये बनाकर तकिया कल्लन शाह पर जमा हुए। दोपहर 3 बजे ताजियों को रवाना कर दिया गया। चेहल्लुम पर जुलूस का रास्ता अलग रहता है। जुलूस में शामिल लोगों ने नारा-ए-तकबीर, अल्ला हो अकबर, या हसन-या हुसैन के बुलंद नारों के साथ अजिमुल्लाह चौराहे होते हुए मेनरोड से गोला मंडी पहुंचकर ताजियों को दफन किया। जुलूस में डीजे भी था। कई ताजियों के साथ ढोल और नगाड़े साथ थे। लोगों ने बताया कि सायं 5 बजे से ताजियों को ठंडा करने का दौर शुरू हुआ जो देर शाम तक चला। जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जुलूस के साथ-साथ पुलिस लगी रही। नगर पालिका ने जुलूस के रास्तों और मुस्लिम बहुल मोहल्लों में साफ-सफाई के व्यापक इंतजाम कराए गए थे। इसी तरह ज्ञानपुर, गोपीगंज, घोसिया, औराई, सुरियावां, मोढ़ और चौरी क्षेत्र में अकीदत के साथ चेहल्लुम मनाया गया। खमरिया में ताजिया जुलूस निकाला गया। जुलूस में या हुसैन की सदाएं रास्ते भर गूंजती रहीं। देर शाम काशीचक के कर्बला में सभी ताजियों को सुपुर्दे खाक किया गया। शनिवार को लगभग तीन बजे विभिन्न मुहल्लों के इमाम चौक से आधा दर्जन ताजिये जुलूस के साथ निकाले गए । सब्जी मंडी से अकबरपुर का ताजिया सबसे पहले उठाया गया ,इसके बाद नैपुरा , दक्खिन मुहल्ला से कुल आधा दर्जन ताजिये निकाले गए। जुलूस में औराई थाने की पुलिस फोर्स सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर तैनात रहे। इसके पूर्व सब्जी मंडी में कल्लू खान व नियामत खान के अखाड़ों के बीच कला कौशल का प्रदर्शन किया गया । इस मौके पर ताजियादार मैनुद्दीन, इसरार अंसारी, महमूद हाजी, सरफुद्दीन अंसारी के अलावा चेयरमैन नंदलाल मौर्या, आसिफ खान, रिजवान अहमद आदि रहे।