भदोही। आगामी 11 अक्तूबर से जनपद का चौथा अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला होने जा रहा है। इसकी तैयारी अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। एक्सपो में लगने वाले 150 निर्यातकों के स्टाॅलों को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। अमेरिकी टैरिफ से बदली परिस्थितियों में कालीन उत्पादक अलग रणनीति के साथ एक्सपो में नजर आएंगे। अधिकतर तो अपने पुराने हस्तशिल्प उत्पादों को ही नए कलेवर और रंगामेजी के साथ प्रदर्शित करेंगे। वहीं बाजार में कुछ ऐसे भी हैं जो विविधता पर ध्यान दे रहे हैं। लोगों ने अपने हैंडलूम और हैंड टफ्टेड कालीनों को अलग लुक के साथ प्रस्तुत करने के लिए तैयार हैं।
वर्तमान में 50 प्रतिशत टैरिफ से कालीन उद्यमियों का अमेरिकी व्यवसाय लगभग बंदी के कागार पर पहुंच गया है। इतना ही नहीं लोगों के पहले तैयार माल भी उनके गोदामों में डंप पड़े हैं। ऐसे में निर्यातक फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। इस एक्सपो में 46 अमेरिकी खरीदार आ रहे हैं, जबकि पूर्व के एक्सपो में 80 से 100 अमेरिकी आयातकों का आगमन होता था। ऐसे में भदोही के कालीन उद्यमी सस्ते और देखने में सुंदर कालीनों का निर्माण कर रहे हैं। हैंडलूम और हैंडटफ्टेड कालीन देखने में सुंदर होते हुए सस्ते होते हैं। इसके अलावा फेयर में बहुत से निर्यातक अपनी हैंडनाटेड कालीनों पर भरोसा कर रहे हैं।