ज्ञानपुर। जिले में बीते चार दिनों से पुरवा हवा का प्रभाव अधिक है। इससे मौसम का मिजाज बदला है और किसानों की चिंता बढ़ी है। हालांकि यह मौसम गेहूं की फसल के लिए उत्तम है। बूंदाबांदी से सब्जियों की फसल पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन अधिक बारिश होने पर नुकसान हो सकता है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार फिलहाल जिले में बादलों के साथ बूंदाबांदी के ही आसार है। इसके बाद भी किसानों को सजग रहने की आवश्यकता है, क्योंकि मौसम में बदलाव के बाद अगर कोहरा असरकारक हुआ तो आलू, टमाटर, मिर्ची, बैंगन आदि में रोग लगने की आशंका बढ़ जाएगी।
मौसम विभाग के अनुसार तापमान गिरने से सुबह-शाम ठंड भी बढ़ी है। ऐसे में पशुपालक भी पशुओं के प्रति सावधानी बरतें। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, किसान फसल की निगरानी करें और दवाओं का छिड़काव करते रहें। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवा के कृषि विशेषज्ञ डॉ. आरपी चौधरी ने बताया कि बूंदाबांदी से फसल को अधिक नुकसान की आशंका नहीं है, लेकिन कोहरा बढ़ता है या फिर बारिश होती है तो सब्जियों की फसल को नुकसान हो सकता है। खासकर कोहरे में आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका है। आलू की फसल में रोगों के लक्षण दिखने पर मैनकोजेब, प्रोपीनेब और क्लोरोथैलोनीन दवा का छिड़काव कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर करें। बैंगन की फसल मुर्झाने की समस्या दिख रही है, तो किसान कार्बन्डाजिम दवा 1.0 ग्राम प्रति लीटर की दर से छिड़काव कर सकते हैं। टमाटर और मिर्ची में रोग लगने का खतरा बढ़ गया है। मौसम विशेषज्ञ सर्वेश बरनवाल ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व पछुआ हवा का प्रभाव था। अब पुरवा हवा चल रहा है। कहा कि किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है, बस फसल की निगरानी करें और रोगों के लक्षण दिखने पर दवा का छिड़काव करें।