-बीएचयू के मौसम वैज्ञानिकों ने जारी की चेतावनी, फसल की कटाई, सिंचाई और दवा छिड़काव मौसम साफ होने पर करें,
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। भीषण गर्मी के बीच मौसम का मिजाज फिर बदलने जा रहा है। आगामी दिनों में जिले समेत पूर्वांचल के कई हिस्सों में आंधी, बारिश, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी पूर्वानुमान जारी किया है। इसे देखते हुए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, बीएचयू वाराणसी के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह और तकनीकी अधिकारी (मौसम वैज्ञानिक) शिव मंगल सिंह ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रह सकते हैं। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक, तेज आंधी और कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों से कहा है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाएं। फसल की सिंचाई, कीटनाशक व उर्वरक का छिड़काव तथा कटाई जैसे कार्य मौसम साफ होने पर ही करें। जिन किसानों की फसल कटकर खेत या खलिहान में रखी हैं, वे उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दें, ताकि तेज हवा और बारिश से नुकसान न हो।
पशुपालकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है। गाय, भैंस, बकरी समेत अन्य पशुओं को खुले स्थान पर न बांधकर सुरक्षित और सूखे स्थानों पर रखने को कहा है। बिजली गरजने और तेज हवाओं के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे बांधने से बचने की हिदायत दी गई है। विशेषज्ञों ने कहा कि बदलते मौसम के दौरान किसान मौसम विभाग की चेतावनियों और पूर्वानुमानों पर लगातार नजर रखें तथा किसी भी आपदा की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहें। समय रहते बरती गई सावधानी फसलों और पशुधन को संभावित नुकसान से बचा सकती है।
किसानों के लिए प्रमुख सलाह-
- कट चुकी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें।
- सिंचाई और दवा का छिड़काव मौसम साफ होने पर करें।
- तेज हवा और बारिश के दौरान खेतों में अनावश्यक न जाएं।
- पशुओं को सुरक्षित व सूखी जगह पर रखें।
- मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नजर बनाए रखें।