भदोही तहसील पर धरना देकर सभा करते किसान सभा के सदस्य
भदोही। किसान संगठनों के आह्वान पर शुक्रवार को अखिल भारतीय किसान सभा के सदस्यों ने भदोही तहसील में धरना देकर अपनी मांगों के लिए आवाज बुलंद की। वक्ताओं ने देशभर में हो रही किसानों की आत्महत्या और उनकी मौत के लिए केंद्र सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। धरना प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष इंद्रदेव पाल ने कहा कि विश्वास नहीं होता कि चुनाव पूर्व किसानों को रिझाने के लिए तमाम वादे करने वाली सरकार अब अपने वादों से पूरी तरह मुकर चुकी है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में गोलीबारी में मृत किसानों के बारे में अब तक प्रधानमंत्री चुप्पी समझ से परे है। वे विदेश दौरे कर रहे हैं। किसानों के कर्जे माफ नहीं किए जा रहे हैं। इसमें केंद्र सरकार द्वारा हांथ खीचे जाने से किसानों को गहरा आघात लगा है। वक्ताओं ने कहा कि किसानों के सबी तरह के कर्जे माफ किए जाएं। किसानों की उपज का मूल्य देने के लिए डा.स्वामीनाथन आयोह की संस्तुतियों को लागू किया जाए। किसानों की फसल की उचित
कीमत दिलाने के लिए क्रय केंद्र खोलकर सरकार स्वयं माल खरीदे। इसके अलावा मप्र की गोलीकांड के लिए मुख्यमंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा गया।
धरना के अंत में उपजिलाधिकारी आशीष कुमार को 6 सूत्रीय ज्ञापन देकर कार्यक्रम समाप्त किया गया। संचालन जगन्नाथ मौर्य ने किया। सुशील कुमार श्रीवास्तव, कैलाश बिंद, भुआल पाल, परदेशी राम, इजहार खां, अमृतलाल मौर्य, शोभनाथ, मुरलीधर पाल, श्रीराम, रामलाल, मोहनलाल, रामचंद्र पटेल, हृदयलाल, ज्ञानप्रकाश, ओमप्रकाश, प्रेमबहादुर आदि शामिल रहे।