जिले में मियादी बुखार, डेंगू, मलेरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। वहीं स्वास्थ्य सेवाएं बेपटरी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां में सीबीसी मशीन खराब है। इससे प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों को निजी जांच केंद्रों पर जांच कराना पड़ रहा है। वायरल फीवर, डेंगू, मलेरिया और टायफाइड से लोग परेशान है। बुखार की शिकायत पर चिकित्सक जांच करवाने की सलाह देरहे हैं। एक लाख से अधिक आबादी के स्वास्थ्य को देखने के लिए बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुरियावां में मरीजों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। रिजेंट केमिकल न होने से करीब तीन से चार महीने तक जांच नहीं हो पा रही थी। प्रशासन की सख्ती के बाद केमिकल आया तो एक सप्ताह से सीबीसी मशीन ही खराब हो गई है। प्रतिदिन स्वास्थ्य केंद्र पर 400 से 500 मरीज पहुंच रहे हैं। इसमें आधे से अधिक को सीबीसी जांच के लिए लिखा जाता है। अस्पताल में मशीन खराब होने से मरीजों को आसपास के निजी केंद्रों पर मजबूरन जाना पड़ रहा है। अधीक्षक डॉ. अभिषेक नाग ने बताया कि सप्लायर कंपनी को सूचित किया गया है, लेकिन वह बार-बार रिमाइंडर के बाद भी बनाने नहीं आ रही है। उच्चाधिकारियों को भी मामले से अवगत करा दिया गया है।
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महकमें की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
सुरियावां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सीबीसी मशीन गत छह से सात महीने से मरीजों की जांच नहीं कर रही है। पहले तो केमिकल का हवाला दिया गया अब सप्लायर कंपनी पर न आने की बात कही जा रही है। चर्चा है कि निजी दुकानदारों को फायदा पहुंचाने के लिए मशीन नहीं बनवाई जा रही है।