ज्ञानपुर/औराई। हाईवे पर गोवंश की तस्करी थम नहीं रही है। शासन-प्रशासन की सख्ती तस्करों के चक्रव्यूह के आगे बेअसर दिख रही है। सोमवार को औराई पुलिस ने ट्रक से 30 बैल बरामद किया, जिसमें दो की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने दो तस्करों के खिलाफ पशु क्रूूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जेल भेजा गया, जबकि मवेशियों को चीनी मिल स्थित गोशाला में भेजा गया।
सूबे में वैसे तो गोवंश की तस्करी पर बैन है, लेकिन छुपे तौर पर व्यवस्था चल रही थी। भाजपा की सरकार बनने पर गोवंश की तस्करी पूरी तरीके से लगाम लगा। शुरूआती एक से डेढ़ साल तक तस्कर शांत रहे लेकिन जैसे ही सरकारी चाबुक कमजोर पड़ा तो तस्करों ने जाल बिछा दिया। बिहार, झारखंड समेत पश्चिम यूपी से आने-जाने वाले पशुओं से भरे ट्रक गुपचुप तरीके से हाइवे से होकर गुजरने लगे। माह में दो से तीन प्रकरण सामने आ जाते हैं। पुलिस सूत्रों की माने तो थाने में तैनात कुछ पुलिसकर्मियों के संरक्षण से रात के समय गोवंश से भरे वाहनों को आगे बढ़ाया जाता है। सोमवार को औराई के एसओ रामजी यादव ने मुखबीर की सूचना पर वाहनों की जांच की। इस दौरान एक ट्रक से 30 राशि बैल बरामद हुए, जिसमें दो की मौत हो चुकी थी। तस्कर शफीक पुत्र शरीफ निवासी मुरादाबाद, शाहनवाज निवासी शामली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया। इसी तरह पांच दिन पूर्व औराई पुलिस ने कंटेनर से गोवंश को बरामद किया था। औराई पुलिस की कार्रवाई से ऊंज और गोपीगंज थाने की पुलिस सवालों में घिर गई है। प्रयागराज की