सिविल जज जूनियर डिविजन बलराम पंवार की कोर्ट ने न्यायालय के आदेश की बार-बार अवहेलना करने पर प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ वाद दायर किया है। अदालत ने कहा कि छह जून को कोर्ट में उपस्थित होकर कारण स्पष्ट करें कि आपको न्यायालय के आदेश की अवहेलना करने पर क्यों न दंडित किया जाए।
वादी के अधिवक्ता ने बताया कि ज्ञानपुर तहसील के जंगलपुर गांव निवासी अमला प्रसाद मौर्य को गांव स्थित विवादित भूमि में तीन मार्च 1989 को मुंसिफ भदोही के आदेश के उपरांत अपर परगनाधिकारी के आदेश से भूमिधर घोषित किया गया था। आदेश का पालन कराने को वादी की ओर से सिविल जज जूनियर डिविजन की अदालत में मुकदमा दाखिल किया गया।
मुकदमें में सुनवाई के उपरांत अदालत ने 19 अप्रैल, 2025 को स्थगन आदेश पारित कर विवादित भूखंड पर पेड़ों को न काटने व यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया। बावजूद इसके विपक्षियों की ओर से पालन न कर खोदाई बंद नहीं की गई। इसके बाबत वादी ने पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर स्थगन आदेश का पालन कराने का निवेदन करने के बावजूद गंभीरता से नहीं लिया गया।
आदेश का पालन कराने को अदालत में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई। जिसे गंभीरता से लेकर छह मई को दिए गए आदेश में सप्ताह भर के भीतर पालन करने संबंधी रिपोर्ट तलब किया गया। समय के भीतर रिपोर्ट न देने पर वादी की ओर से उच्चाधिकारियों को भेजे गए प्रार्थना पत्र की प्रति के साथ न्यायालय के संज्ञान में लेकर कार्रवाई का अनुरोध किया गया।
जिसे गंभीरता से लेकर 29 मई को सिविल जज जूनियर डिविजन बलराम पंवार की अदालत ने थानाध्यक्ष गोपीगंज को 31 मई को स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने को कहा, लेकिन वह नहीं आए। न्यायालय के आदेश का अवमानना करने पर कोर्ट ने प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज कर नोटिस भेजा है। प्रकरण में छह जून को अगली सुनवाई होगी।