ज्ञानपुर। प्रतिबंध के बाद भी पराली जलाने पर बुधवार को भदोही विकास खंड के चार किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। कृषि विभाग की तहरीर पर पुलिस की ओर से कार्रवाई की गई। इससे किसानों में खलबली मच गई। एक दिन पहले तहसीलदार ने एक किसान पर ढाई हजार का जुर्माना लगाया था।
पंजाब, हरियाणा और पश्चिम यूपी में किसान खेतों में ही पराली को जला देते हैं। इससे दिल्ली समेत अन्य शहरों में प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। पर्यावरण को होने वाले नुकसान और मृदा क्षरण को देखते हुए एनजीटी और शासन की ओर से पराली जलाने पर रोक लगा दी गई। जिसके जलाने पर किसानों पर जुर्माना संग विधिक कार्रवाई तय की गई। दो माह पहले ही प्रशासन ने पराली जलाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी, लेकिन कुछ किसान रोक के बाद भी पराली जला रहे हैं।
ज्ञानपुर के जगापुर गांव में किसान ओम प्रकाश के खिलाफ अभी ढाई हजार अर्थदंड का मामला थमा नहीं था कि भदोही के चार किसानों पर मुकदमा दर्ज हो गया। भदोही के याकूबपुर गांव में पराली जलाने वाले किसान ओम प्रकाश पुत्र हरिशंकर, दयाशंकर पुत्र रामअकबाल, जटाशंकर पुत्र राम अकबाल और शिवशंकर पुत्र राम अकबाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। उप निदेेशक कृषि अरविंद सिंह ने कहा कि पराली जलाने से मिट्टी के जीवांश खत्म हो जाते हैं। साथ ही पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। किसान भाई पराली जलाने के बजाए अवशेष की जुताई कर 15 किलो प्रति हेक्टेयर यूरिया डाल दें। जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ने के साथ ही पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचेगा।