चौरी। बाजार की नटबस्ती में मकान में विस्फोट के मामले में पुलिस ने बृहस्पतिवार की देर रात किरायेदार के दामाद इख्तियार के खिलाफ अवैध पटाखा भंडारण में मुकदमा दर्ज किया। शुक्रवार को भी एलआईयू और पुलिस टीम ने दोबारा घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। चौकी से महज 400 मीटर दूर हुई घटना को लेकर पुलिस सक्रियता पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने बताया कि वेदमनपुर निवासी खुर्शीद आलम अंसारी का नट बस्ती में मकान है। जिसमें किराएदार के रूप में लल्लू मोमीन पिछले 10 सालों से रहता है। लल्लू मोमीन वर्तमान समय में कहीं रोजी-रोटी के संबंध बाहर रहता है। जहां उसकी पत्नी अंजुम बानो अपने 5-6 बच्चों के साथ रह रही थी। बृहस्पतिवार को दोपहर में मकान के एक हिस्से में विस्फोट हो गया था। जांच में पता चला कि लल्लू का दामाद इख्तियार जो शादी विवाह में आतिशबाजी का कार्य करता है। उसी ने वहां पर पटाखा रखा था। अवैध रूप से पटाखा रखने पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि किरायेदार सभी फरार हो गए हैं। पूछताछ के लिए उनकी तलाश की जा रही है। बताते चलें कि चौरी क्षेत्र में अवैध पटाखे का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। 2019 में विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई थी। नट बस्ती के विस्फोट में भले ही कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सवाल यह उठना लाजिमी है कि आखिर पुलिस चौकी से लगभग चार सौ मीटर की दूरी पर चल रहा पटाखों का अवैध कारोबार पर जिम्मेदार अनजान थे, या फिर सबकुछ संज्ञान में था। दूसरे दिन भी घटना को लेकर जितनी मुंह उतनी बातें होती रही। विस्फोट के बाद बस्ती में भय का माहौल बना है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि 2019 में रोटहां में विस्फोट में 12 लोगों की मौत के बाद पुलिस सख्त हुई। उसके बाद पटाखे का अवैध कारोबार करने वालों ने ठिकाना बदल लिया है। अलग-अलग गांव में चिह्नित लोगों के यहां पटाखा अवैध तरीके से रखते हैं। कुछ महीने पूर्व भी दानूपट्टी में पुलिस ने चेकिंग अभियान में बड़ी मात्रा में पटाखा बरामद किया था।