रंगदारी के मामले में शुक्रवार को प्रथम एसीजेएम कोर्ट में पेशी पर आए पूर्व विधायक बाहुबली विजय मिश्र ने कहा कि सरकार उनके खून की प्यासी है। परिवार को फंसाने के साजिशन तीन एके-47 राइफलें रखी गई हैँ। इसमें से एक में उनके पुत्र को फंसाया गया है। अभी दो एके-47 बाकी है।
विजय मिश्र की शुक्रवार को रंगदारी मामले में मिर्जापुर के प्रथम एसीजेएम आनंद उपाध्याय के अदालम में पेशी हुई। बयान देने के बाद कोर्ट से बाहर निकले विजय मिश्र ने एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार, डीजी सुधीर कुमार और भदोही के पूर्व एसपी रामबदन पर पुत्र को फंसाने का आरोप लगाया। कहा कि 11 मई को ही एके-47 दिखाकर फंसाने की साजिश थी, लेकिन भदोही कोर्ट में अर्जी दाखिल करने पर ऐसा नहीं कर सके। एक एके-47 लाकर पुत्र को फंसाया है। जहां से एके-47 बरामद हुई है, वह पेट्रोल पंप छह माह से बंद है।
मिर्जापुर कोर्ट के बाहर पूर्व विधायक विजय मिश्र
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कहा कि विधायक सुशील सिंह ने चार माह पहले ही जेल में बताया था कि आपके बेटे को फंसाया जाएगा। मुंबई में बेटी, दामाद को भी परेशान किया जा रहा है। सीएम ईमानदार है तो सीबीआई जांच कराएं। गौरतलब है कि उनके पुत्र विष्णु मिश्र की पुणे से गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने रिमांड पर लेकर बृहस्पतिवार को गोपीगंज स्थित पेट्रोल पंप से एके-47, पिस्टल और कारतूस बरामद किए थे।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि एडीजी लॉ एंड आर्डर ने दो करोड़ और भदोही के पूर्व एसपी रामबदन ने एक करोड़ रुपये मांगे थे। रुपये न देने पर फंसाया जा रहा है। प्रशांत कुमार 100 करोड़ और पूर्व विधायक रामबदन 25 करोड़ कमा चुके हैं। विजय मिश्र ने कहा कि 1998 के बाद से पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी से कोई संबंध नहीं है।
एसपी मिर्जापुर संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि कटरा कोतवाली लोहंदी से 13 वर्ष पूर्व एएसपी सिटी के गनर की हत्या कर एके-47 की लूट हुई थी। बरामद एके-47 की उससे कनेक्शन की भी जांच की जाएगी।