अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दो अप्रैल को भारतीय वस्तुओं पर 26 प्रतिशत आयात शुल्क की घोषणा की। इसके बाद से कालीन खरीदारों और स्थानीय निर्यातकों में घबराहट की स्थिति है। अमेरिका के 100 से अधिक खरीदारों ने जिले के कालीन निर्यातकों को ई-मेल भेजकर माल रोकने के लिए कहा है।
इससे गोदामों और पोर्ट पर करीब 500 करोड़ का माल डंप हो गया है। इस तरह के लगातार ई-मेल आ रहे हैं। सभी 26 प्रतिशत आयात शुल्क को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के चेयमैन कुलदीप राज वाटल ने कहा कि पहले ही दिन भारत के वाणिज्य मंत्रालय को अमेरिका के इस फैसले से पड़ने वाले प्रभाव से अवगत करा दिया है। हम सब इंतजार करो और देखने की मुद्रा में हैं। अभी तक इस मुद्दे का हल सामने नहीं आया है। कुछ दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी।
उन्होंने बताया कि अमेरिकी सरकार के फैसले के बाद गोदाम और पोर्ट पर 500 करोड़ का कालीन डंप हो गया है। भारत से 58 प्रतिशत कालीन और हस्तशिल्प का निर्यात अमेरिका को होता है।