ज्ञानपुर। अयोध्या के राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा के समय जिला कारागार के कैदियों के बुने गलीचे तो बिछाए ही जाएंगे। मंदिर की दीवारों पर यहां के बने वाल हैंगिंग सजाए भी जाएंगे। जिला कारागार में भगवान श्रीराम, माता सीता और हनुमान के तस्वीरों वाला वाल हैगिंग बनाए जा रहे हैं। इसके 15 जनवरी के पहले इससे अयोध्या भेजने की तैयारी है। कैदी इसे रामकाज मानकर काफी उत्साहित हैं।
अपनी खूबसूरत दस्तकारी के चलते भदोही के कालीन अमेरिका के व्हाइट हाउस से लेकर नए संसद भवन तक बिछे हुए हैं। जी-20 मेहमानों के लिए बने भारत मंडपम में भी भदोही के कालीन बिछाए गए थे। खूबसूरत और मखमली कालीन हर किसी को भाते हैं। जिला कारागार के कैदी भी सुंदर कालीनों को बुनने का काम करते हैं। इसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। अब कैदियों के बुने कालीन राममंदिर की शोभा बढ़ाएंगे। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से तीन वाल हैगिंग भी अयोध्या जिला प्रशासन को भेंट किए जाएंगे, जिन्हें कैदियों द्वारा तैयार किया जा रहा है। जिला जेल के 12 कैदी इसे तैयार करने में जुटे हुए हैं। जिला प्रशासन की मंशा है कि 15 जनवरी के पहले इसे अयोध्या भेज दिया जाए।
क्या होगी वॉल हैगिंग की खासियत
जिला जेल में बनाए जा रहे तीन वाल हैगिंग पर प्रभु श्रीराम, माता सीता और हनुमान के चित्र वाली होगी। तस्वीरों को ऊन से बनाया जा रहा है। वाल हैगिंग तीन बाई चार और पांच बाई तीन फुट के बनाए जा रहे हैं। एक वाल हैगिंग का वजन छह से आठ किलो तक होगा। इसके लिए पीले और गेरुए रंग के ऊन का इस्तेमाल किया जा रहा है। एक वाल हैगिंग में प्रभु श्रीराम धनुष-बाण के साथ होंगे। एक में हनुमान शंखनाद करते नजर आएंगे।
जिलाधिकारी ने की पहल
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में भदोही के कालीन भेजने की पहल जिलाधिकारी गौरांग राठी ने की है। उन्होंने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजा था। वहां से अनुमति मिलने के बाद जिला जेल के कैदियों को वाल हैगिंग भी तैयार करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि अयोध्या जिला प्रशासन से संपर्क करने के बाद बंदियों से कालीन तैयार कराए जा रहे हैं। उनको अयोध्या जिला प्रशासन को भेंट किया जाएगा। वाल हैगिंग को भी 15 जनवरी के पहले अयोध्या भेज दिया जाएगा। राम मंदिर के लिए कालीन बनाने वाले बुनकर खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें रामकाज़ का अवसर जेल में रहते हुए मिला है।